दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, नागपुर मंडल के तीन वरिष्ठ लोको पायलटों की गौरवपूर्ण विदाई

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, नागपुर मंडल के तीन वरिष्ठ लोको पायलटों की गौरवपूर्ण विदाई

दशकों की बेदाग सेवा के बाद आज हुए सेवानिवृत्त, मंडल रेल प्रबंधक ने दी शुभकामनाएं

नागपुर। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, नागपुर मंडल के लिए शनिवार का दिन भावुकता और गर्व से भरा रहा। मंडल के तीन अत्यंत अनुभवी और समर्पित लोको पायलट मोटरमै आर.पी. साहू, वी.के. वर्मा और डी.डी. देवगुणे आज अपनी लंबी, सफल और पूरी तरह दुर्घटना-मुक्त सेवा के बाद सेवानिवृत्त हो गए।

रेलवे के परिचालन विभाग में इन तीनों लोको पायलटों की पहचान अनुशासन, तकनीकी दक्षता और सुरक्षा के उच्च मानकों के लिए रही है। उन्होंने भाप इंजन के दौर से लेकर आधुनिक वंदे भारत और अमृत भारत जैसी अत्याधुनिक ट्रेनों तक भारतीय रेलवे के विकास को न केवल देखा, बल्कि उसे अपने अनुभव और सेवाभाव से आगे बढ़ाने में अहम योगदान दिया।

इस अवसर पर नागपुर मंडल रेल प्रबंधक दीपक कुमार गुप्ता ने तीनों लोको पायलटों की सेवाओं की सराहना करते हुए उन्हें सम्मानित किया और उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं।

मंडल रेल प्रबंधक ने कहा कि इन तीनों लोको पायलटों का सेवाकाल भारतीय रेलवे के क्रमिक विकास की जीवंत मिसाल है। भाप इंजन से लेकर आधुनिक वंदे भारत तक का सफर तय करना इनके धैर्य, कौशल और तकनीक के प्रति निरंतर अनुकूलन क्षमता को दर्शाता है। उन्होंने यह भी कहा कि इनका संपूर्ण सेवाकाल पूरी तरह सुरक्षित और दुर्घटना-मुक्त रहा, जो नए रेलकर्मियों के लिए प्रेरणा है।

तीनों लोको पायलटों की उपलब्धियां

आर.पी. साहू ने रेलवे में 42 वर्षों तक सेवाएं दीं, जिसमें उन्होंने 16 वर्ष लोको पायलट मोटरमैन के रूप में कार्य किया। उन्होंने नैरो गेज और ब्रॉड गेज के भाप इंजन से शुरुआत की और आधुनिक वंदे भारत तथा अमृत भारत जैसी ट्रेनों का संचालन करते हुए अपने करियर का समापन किया। उन्होंने अपनी अंतिम ड्यूटी 25 मार्च को गाड़ी संख्या 20825 (वंदे भारत) के साथ पूरी की।

वी.के. वर्मा ने रेलवे को 38 वर्षों तक सेवा दी। उनके नाम लगातार 21 वर्षों तक लोको पायलट मोटरमैन के रूप में कार्य करने का दुर्लभ रिकॉर्ड दर्ज है। वे रेलवे में डिप्लोमा इंजीनियरों के पहले बैच का हिस्सा रहे। उन्होंने सुरक्षा नियमों का पालन करते हुए अपना पूरा सेवाकाल दुर्घटना-मुक्त पूरा किया। उन्होंने अपनी अंतिम ड्यूटी 29 मार्च को गाड़ी संख्या 20825 (वंदे भारत) के साथ पूरी की।

डी.डी. देवगुणे ने 32 वर्षों तक रेलवे सेवा की, जिसमें 14 वर्ष लोको पायलट मोटरमैन के रूप में रहे। उन्होंने डीजल असिस्टेंट ड्राइवर के रूप में शुरुआत की और नैरो गेज से लेकर थ्री-फेज इलेक्ट्रिक लोकोमोटिव तथा वंदे भारत जैसी आधुनिक ट्रेनों तक सभी प्रकार के इंजनों का कुशल संचालन किया। उन्होंने अपनी अंतिम ड्यूटी 29 मार्च को गाड़ी संख्या 11040 (महाराष्ट्र एक्सप्रेस) के साथ पूरी की।

रेलवे प्रशासन और स्टाफ ने दी विदाई

तीनों वरिष्ठ लोको पायलटों की सेवानिवृत्ति पर रेलवे प्रशासन सहित रनिंग स्टाफ ने उन्हें बधाई दी और उनके बेहतर स्वास्थ्य तथा सुखद सेवानिवृत्त जीवन की कामना की। नागपुर मंडल के लिए यह दिन तीन अनुभवी रेल योद्धाओं के सम्मान और उनके गौरवशाली योगदान को याद करने का अवसर बन गया।