नेपाल व हरियाणा के कलमवीरों के बीच होगा नए युग का आरंभ - डॉ इंदु बंसल

चंडीगढ़/ नई दिल्ली (सुनील सम्भ्रवाल)

श्रमजीवी पत्रकार संघ नेपाल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जन्मदेव जैसी आज 28 मार्च 2026 को सायं 4:00 बजे इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, नई दिल्ली पर आगमन करेंगे।

उनके स्वागत हेतु श्रमजीवी पत्रकार संघ हरियाणा की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. इंदु बंसल स्वयं उपस्थित रहेंगी तथा उन्हें हरियाणा लेकर आएंगी।

श्रमजीवी पत्रकार संघ नेपाल के राष्ट्रीय अध्यक्ष का यह हरियाणा का प्रथम आधिकारिक दौरा अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। तीन दिवसीय प्रवास के दौरान श्रमजीवी पत्रकार संघ हरियाणा द्वारा उनकी गरिमामयी मेजबानी की जाएगी तथा उन्हें हरियाणा के विभिन्न जिलों का भ्रमण करवाया जाएगा। इस दौरान नेपाल व हरियाणा के पत्रकारों के बीच आपसी संवाद, अनुभवों का आदान-प्रदान एवं संगठनात्मक समन्वय को सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

हरियाणा दौरे के दौरान सभी जिलों में नेपाल एवं हरियाणा के श्रमजीवी पत्रकार संगठनों की संयुक्त प्रेस वार्ता आयोजित की जाएगी, जिसमें दोनों देशों से जुड़े पत्रकारों से समान मुद्दों पर विस्तारपूर्वक चर्चा की जाएगी। साथ ही श्रमजीवी पत्रकारों के अधिकारों, सुरक्षा, सामाजिक संरक्षण तथा लंबित मांगों को लेकर दोनों देशों की सरकारों के समक्ष संयुक्त मांग-पत्र प्रस्तुत किया जाएगा।

इस ऐतिहासिक पहल से नेपाल एवं हरियाणा के श्रमजीवी पत्रकारों के बीच व्यावसायिक सहयोग, संगठनात्मक एकता एवं अंतरराष्ट्रीय संवाद को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

भविष्य में हरियाणा के पत्रकारों का नेपाल भ्रमण तथा नेपाल के पत्रकारों का हरियाणा आगमन भी प्रस्तावित है, जिससे दोनों संगठनों के संबंध और अधिक मजबूत होंगे।

उल्लेखनीय है कि श्रमजीवी पत्रकार संघ हरियाणा पत्रकारों के हितों की रक्षा हेतु निरंतर सक्रिय रहा है। संगठन हरियाणा में पत्रकार सुरक्षा कानून लागू करवाने, पत्रकारों को आवास सुविधा उपलब्ध कराने, लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को जमीनी स्तर पर सशक्त करने, वरिष्ठ पत्रकारों को सम्मान भत्ता दिलाने तथा पत्रकारों के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए दृढ़ संकल्पित है।

इसी क्रम में गत सप्ताह 22 मार्च को भारत की राजधानी दिल्ली स्थित जंतर-मंतर पर पत्रकारों के हितों की रक्षा हेतु महाधरना आयोजित किया गया, जो हरियाणा के श्रमजीवी पत्रकार संघ द्वारा किया गया एक ऐतिहासिक और प्रभावशाली प्रयास रहा।

यह पहल न केवल पत्रकारों के अधिकारों को मजबूती प्रदान करेगी, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा और मीडिया जगत में सहयोग की नई संभावनाओं को भी सशक्त बनाएगी।