दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में टीबी उन्मूलन को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में टीबी उन्मूलन को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित

बिलासपुर, रायपुर और चरोदा-भिलाई के रेलवे अस्पतालों में विशेष अभियान

बिलासपुर। भारत सरकार द्वारा संचालित राष्ट्रीय क्षय रोग उन्मूलन कार्यक्रम (एनटीईपी) के अंतर्गत देशभर में टीबी उन्मूलन के प्रयास तेज़ी से आगे बढ़ रहे हैं। प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान तथा निक्षय पोषण योजना जैसी पहलें समुदाय की भागीदारी बढ़ाने, रोगियों को पोषण सहायता देने और उपचार के पालन में सुधार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। वहीं निक्षय पोर्टल के माध्यम से टीबी रोगियों की निगरानी एवं देखभाल व्यवस्था को और अधिक सशक्त बनाया गया है।

टीबी को समाप्त करने का भारत का लक्ष्य विश्व के सबसे महत्वाकांक्षी स्वास्थ्य अभियानों में से एक माना जा रहा है। उन्नत जांच तकनीक, आधुनिक नीतियों और रोगी-केंद्रित दृष्टिकोण के जरिए भारत लगातार इस दिशा में प्रगति कर रहा है।

24 मार्च को विश्व क्षय रोग दिवस मनाया जाता है, जिसका उद्देश्य टीबी के प्रति जागरूकता फैलाना, इसके प्रभाव को कम करना तथा इसके उन्मूलन के लिए प्रयासों को मजबूत करना है। यह दिवस इस बात की याद दिलाता है कि टीबी आज भी एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौती बनी हुई है।

इसी क्रम में दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे (एसईसीआर) के चिकित्सा विभाग द्वारा केंद्रीय चिकित्सालय बिलासपुर, मंडल चिकित्सालय रायपुर तथा उपमंडल चिकित्सालय चरोदा-भिलाई में विशेष टीबी जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान कर्मचारियों को टीबी के कारण, प्रभाव, लक्षण एवं उपचार के संबंध में विस्तार से जानकारी दी गई। चिकित्सकों ने बताया कि लगातार खांसी, बुखार, वजन घटना और कमजोरी जैसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच करानी चाहिए। साथ ही यह भी बताया गया कि समय पर पहचान और सही उपचार से टीबी पूरी तरह ठीक की जा सकती है।

कार्यक्रम में स्वच्छता, पौष्टिक आहार और नियमित स्वास्थ्य जांच को टीबी से बचाव के लिए आवश्यक बताया गया। रेलवे कर्मचारियों को जागरूक करते हुए कहा गया कि शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज न करें और समय रहते इलाज कराएं।

इस अवसर पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के चिकित्सा विभाग ने कर्मचारियों से अपील की कि वे टीबी के प्रति जागरूक रहें, रोगियों के साथ भेदभाव न करें और उनके उपचार में सहयोग करें। विभाग ने कहा कि सामूहिक प्रयास और जागरूकता से ही टीबी जैसी बीमारी को जड़ से समाप्त किया जा सकता है।

रेलवे चिकित्सा विभाग का यह प्रयास कर्मचारियों एवं उनके परिवारों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाने और बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।