सिवोक–रंगपो नई रेल परियोजना में बड़ी उपलब्धि, सुरंग संख्या–8 का सफल ब्रेकथ्रू

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे ने सिवोक रंगपो नई रेल लाइन परियोजना में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए 12 मार्च को सुरंग संख्या 8 का सफल ब्रेकथ्रू कर लिया है। यह उपलब्धि पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे और इरकॉन इंटरनेशनल लिमिटेड के संयुक्त प्रयासों से संभव हुई है। इस सफलता से पूर्वोत्तर क्षेत्र की इस महत्वपूर्ण रेल परियोजना की प्रगति को नया बल मिला है।

सुरंग संख्या?8 इस परियोजना की प्रमुख सुरंगों में से एक है, जिसकी कुल लंबाई लगभग 4.148 किलोमीटर है। इसके अतिरिक्त इसमें 1.010 किलोमीटर लंबा एडिट (सहायक सुरंग मार्ग) भी शामिल है। इस सुरंग की खुदाई अत्यंत कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में की गई। कार्य के दौरान कमजोर, अत्यधिक क्षरित और दरारयुक्त चट्टानों के बीच खुदाई करनी पड़ी। इसके साथ ही पहाड़ी क्षेत्र की चुनौतियों और निकट स्थित राष्ट्रीय राजमार्ग‑10 के कारण भी कार्य काफी जटिल रहा।

सुरंग संख्या?8 में खुदाई का कार्य पूरा होने के साथ ही सिवोक?रंगपो रेल परियोजना की कुल 14 सुरंगों में से 13 सुरंगों की खुदाई पूरी हो चुकी है। यह उपलब्धि परियोजना की समग्र प्रगति की दिशा में एक महत्वपूर्ण चरण मानी जा रही है।

परियोजना के अन्य प्रमुख कार्यों में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। अब तक 12 सुरंगों में लगभग 32.4 किलोमीटर लंबाई तक सुरंग लाइनिंग का कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके अलावा सुरंगों के भीतर 21 किलोमीटर तक बैलेस्ट रहित ट्रैक बिछाने का कार्य भी सफलतापूर्वक किया जा चुका है, जिससे परियोजना को संचालन के लिए तैयार करने की दिशा में तेजी आई है।

सिवोक?रंगपो नई रेल लिंक परियोजना पूर्वोत्तर क्षेत्र की अत्यंत महत्वपूर्ण कनेक्टिविटी परियोजनाओं में से एक है। इस परियोजना का उद्देश्य सिक्किम राज्य को देश के राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ना है। यह परियोजना भारतीय रेल की राजधानी संपर्क (कैपिटल कनेक्टिविटी) पहल का भी एक अहम हिस्सा है।

परियोजना की कुल लंबाई 44.96 किलोमीटर है, जिसमें से 41.55 किलोमीटर पश्चिम बंगाल और 3.41 किलोमीटर सिक्किम में स्थित है। इस मार्ग का लगभग 38.623 किलोमीटर (करीब 86 प्रतिशत) हिस्सा सुरंगों से होकर गुजरेगा, जबकि 2.24 किलोमीटर पुलों पर तथा 4.79 किलोमीटर ओपन कटिंग और स्टेशन यार्ड के रूप में विकसित किया जा रहा है।

इस परियोजना के अंतर्गत 14 सुरंगों का निर्माण किया जा रहा है, जिनमें सबसे लंबी सुरंग लगभग 5.30 किलोमीटर और सबसे छोटी सुरंग लगभग 538 मीटर लंबी है। इसके अलावा परियोजना में 13 बड़े पुल और 10 छोटे पुल भी बनाए जा रहे हैं।

नई रेल लाइन पर सिवोक, रियांग, मेली और रंगपो स्टेशन बनाए जाएंगे, जबकि तीस्ता बाजार में एक भूमिगत हॉल्ट स्टेशन भी बनाया जाएगा, जो इस परियोजना की विशेष अवसंरचनात्मक विशेषताओं में से एक होगा।

परियोजना पूरी होने के बाद सिक्किम को सीधे राष्ट्रीय रेल नेटवर्क से जोड़ा जा सकेगा। इससे राज्य में आवश्यक वस्तुओं की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित होगी, परिवहन सुविधाएं बेहतर होंगी और क्षेत्र के आर्थिक विकास को भी नई गति मिलेगी।

वर्तमान में परियोजना के सभी मोर्चों पर निर्माण कार्य तेजी से जारी है, जिनमें सिविल कार्य, ट्रैक बिछाने और रेलवे विद्युतीकरण शामिल हैं। पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे का लक्ष्य शेष कार्यों को पूरा कर इस परियोजना को दिसंबर 2027 तक चालू करना है, जिससे सिक्किम सहित पूरे पूर्वोत्तर क्षेत्र की रेल कनेक्टिविटी और क्षेत्रीय विकास को बड़ा प्रोत्साहन मिलेगा।

यह जानकारी मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा ने दी।