* फौजी के परिवार की सहायता के लिए आगे आया " नेशनल अकाली दल *

नई दिल्ली। एक फौजी के बेटे की गंभीर बीमारी के इलाज के लिए अब समाज से मदद की अपील की जा रही है। नेशनल अकाली दल ने भी इस मामले में आगे बढ़कर सहायता का हाथ बढ़ाया है।

फौजी हरप्रीत सिंह के बेटे इशीत सिंह को दुर्लभ और गंभीर बीमारी Duchenne Muscular Dystrophy (DMD) है। इस बीमारी के इलाज के लिए लगभग 27 करोड़ रुपये का खर्च बताया जा रहा है। इतनी बड़ी राशि का इंतजाम कर पाना परिवार के लिए बेहद मुश्किल हो गया है, जिसके चलते परिवार मदद के लिए दर-दर भटकने को मजबूर है।

इस स्थिति को देखते हुए परमजीत सिंह पम्मा राष्ट्रीय अध्यक्ष नेशनल अकाली दल ने मानवीय पहल करते हुए परिवार को 21,000 रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि एक फौजी देश की सेवा करता है, लेकिन आज उसका परिवार अपने बच्चे के इलाज के लिए संघर्ष कर रहा है, यह बेहद दुखद स्थिति है।

परमजीत सिंह पम्मा ने कहा कि नेशनल अकाली दल जल्द ही अपने पदाधिकारियों की बैठक बुलाकर इशीत सिंह की मदद के लिए और अधिक सहायता जुटाने का प्रयास करेगा। उन्होंने समाज के सभी वर्गों, सामाजिक संगठनों और सक्षम लोगों से अपील की कि वे आगे आकर इस बच्चे की जान बचाने में मदद करें।

उन्होंने केंद्र सरकार से भी अनुरोध किया कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए इशीत सिंह के इलाज के लिए सरकारी स्तर पर सहायता प्रदान की जाए, ताकि समय रहते उसका उपचार संभव हो सके।

वहीं इशीत सिंह की माता प्रिया कनौजिया ने भावुक होकर समाज से मदद की अपील की। उन्होंने रोते हुए कहा कि उनके बेटे की जिंदगी बचाने के लिए सभी लोग आगे आएं और जितनी भी संभव हो सके सहायता करें, ताकि उनके बेटे का इलाज हो सके और वह सामान्य जीवन जी सके।

फिलहाल परिवार को उम्मीद है कि समाज, सामाजिक संगठन और सरकार मिलकर इस बच्चे की मदद के लिए आगे आएंगे और समय रहते उसके इलाज के लिए जरूरी सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा।

परिवार और समाज के लोगों का कहना है कि जब CSR फंड के जरिए अन्य लोगों की सहायता की जा सकती है, तो देश की सेवा करने वाले एक फौजी के परिवार की मदद क्यों नहीं की जा रही। उन्होंने सरकार और बड़ी कंपनियों से अपील की है कि आगे आकर इस फौजी परिवार की मदद करें।

इस अवसर पर नेशनल अकाली दल सोशल विंग की राष्ट्रीय अध्यक्ष। रश्मीत कौर बिंद्रा व रिदम चड्ढा ने भी सभी से इशीत सिंह की मदद के लिए अपील की।