चेन्नई से जम्मू चिड़ियाघर पहुँचे दो दरियाई घोड़े, रेलवे और वन्यजीव विभाग के समन्वय से सफल ऑपरेशन

जम्मू। जम्मू-कश्मीर के वन्यजीव संरक्षण विभाग और भारतीय रेलवे के उत्कृष्ट समन्वय का एक उल्लेखनीय उदाहरण उस समय देखने को मिला जब चेन्नई से लाए गए दो दरियाई घोड़े (हिप्पो) सुरक्षित रूप से जम्मू रेलवे स्टेशन पहुँचे। इसके बाद इन्हें सावधानीपूर्वक जम्मू चिड़ियाघर पहुंचाया गया।

इन दरियाई घोड़ों को ट्रेन संख्या 16031 अंडमान एक्सप्रेस के साथ एक विशेष पार्सल कोच में चेन्नई सेंट्रल से जम्मू तक लाया गया। लगभग 51 घंटे में 2,804 किलोमीटर की लंबी यात्रा सफलतापूर्वक पूरी की गई। पूरी यात्रा के दौरान वन्यजीव विशेषज्ञों और पशु चिकित्सकों की टीम लगातार साथ रही तथा जानवरों के लिए भोजन, पानी और आवश्यक देखभाल की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की गई।

जम्मू मंडल के लिए यह अभियान लंबी दूरी पर वन्यजीवों के सुरक्षित परिवहन की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। यह पूरा ऑपरेशन जम्मू-कश्मीर वन्यजीव विभाग और रेलवे अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय और सावधानीपूर्वक योजना के कारण सफल हो सका।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने बताया कि 51 घंटे से अधिक की इस यात्रा के दौरान रेलवे कर्मचारियों और वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम ने निरंतर समन्वय बनाए रखा, जिससे यह पूरा सफर बिना किसी बाधा के संपन्न हुआ। उन्होंने यह भी बताया कि इससे पूर्व 03 मार्च को जम्मू से चेन्नई के लिए दो हिमालयन ब्लैक बियर और दो लेपर्ड कैट्स को भी ट्रेन संख्या 16032 के माध्यम से सफलतापूर्वक भेजा गया था, जो अपने आप में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक अभियान था।

रेल मार्ग से वन्यजीवों का परिवहन सड़क मार्ग की तुलना में अधिक सुरक्षित और कम तनावपूर्ण माना जाता है। जम्मू चिड़ियाघर में इन नए मेहमानों के आगमन से न केवल चिड़ियाघर की आकर्षण क्षमता बढ़ेगी, बल्कि स्थानीय पर्यटन को भी प्रोत्साहन मिलने की उम्मीद है।