एटा का बुरा लपेटा, बाप बचा नहीं बेटा! आँगनबाड़ी भर्ती में 60 लाख की रिश्वत मांगने पर नपे सीडीओ एटा नागेंद्र नारायण मिश्रा।

*एटा का बुरा लपेटा, बाप बचा नहीं बेटा! आँगनबाड़ी भर्ती में 60लाख की रिश्वत मांगने पर नपे सीडीओ एटा नागेन्द्र नारायण मिश्रा।*

�*माथे पर तिलक लगाकर घूमने वाले सीडीओ एटा हुए बेआबरू।*


एटा - जनपद में आंगनवाड़ी की हो रही भर्तियों में कुल पद 642 है।जिसके सापेक्ष 3016 आवेदन प्राप्त हुये। चयन कमेटी के अध्यक्ष सीडीओ नागेन्द्र नारायण मिश्रा थे। सदस्यों के रूप में मुख्य सेविकाऐं-जिला कार्यक्रम अधिकारी- खंड शिक्षा अधिकारी जलेसर-जिला कृषि अधिकारी-जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी नामित हैं। लगभग भर्ती प्रक्रिया पूर्ण होने की स्थिति में थी।तभी मुख्य विकास अधिकारी ने कोऑर्डिनेटर संजीव पचौरी से प्रति नियुक्ति 10,000 रुपये की मांग कर डाली।कोऑर्डिनेटर ने मुख्य विकास अधिकारी की रिकॉर्डिंग वीडियो सहित शासन को भेज दी।शाषन द्वारा सीडीओ को निलंबित करते हुए मुख्यालय अटैच कर दिया।तिलक लगाकर धार्मिक बातें सुनाकर लोगों को गुमराह कर धन हडपने वाले भ्रष्ट सीडीओ को नहीं पता था कि जनाब यह एटा है?एटा का बुरा लपेटा बाप बचा नही बेटा।।इस कहावत से जिले के कई अधिकारी जो भ्रष्टाचार में लिप्त हैं वह अनभिज्ञ हैं। जनपद का यह मुहावरा जन-जन की जुबान पर छाया हुआ है। सीडीओ के 60 लाख रुपये की मांग को लेकर हुए निलंबन से जनता को तो ज्यादा बड़ा आश्चर्य नहीं है। लेकिन कुछ अधिकारी जरूर भौचक्के रह गए। उन्हें ऐसा लग रहा था कि एटा जितनी लूट प्रदेश के किसी भी जिले मे नही है।बरहाल ये तिलकधारी अधिकारी एटा से बेआबरू हो कर गये।लेकिन कुछ अधिकारी भ्रष्टाचार को बड़े आभूषण की तरह पहनकर अपने को प्रभावशाली बनाने मे लगे है।यदि उनसे हम चर्चा जिले के विकास पर करें तो वह केरल तमिलनाडु और विदेशों की बातों में उलझा कर जन सामान्य को बेवकूफ बनाने की कोशिश करते हैं।चलिए खैर कोई बात नहीं आपको यह कुर्सी मुफ्त में नहीं मिली दोनों हाथों से लूटिए? अधिकार तुम्हारा है?लेकिन जिला हमारा है। यदि लपेटे में आ गए तो ऐसे बेआबरू होगे?कि वस्त्रों मे आरपार दिखोगे?एक ही मद नियुक्ति मे सीडीओ साठ लाख लूटने के प्रयास मे था तो पूरे कार्यकाल मे सैकडों मदों से �कितना लूटा होगा?यदि शाषन ने गहराई से जाँच की तो करोड़ों की लूट का भंण्डाफोड हो सकता है।सीडीओ और डीपीओ द्वारा एक दूसरे पर लगाये जा रहे आरोपों प्रत्यारोपों मे कई अधिकारी भी जाँच की आँच मे झुलस सकते है।


रिपोर्ट: रमेश जादौन एटा।