* प्राकृतिक चिकित्सा की ओर बढ़ते कदम --हर्बल दवाइयों की विशेषताएं *

J 7 राजौरी गार्डन/ 31/01/2025

श्री ताशी टॉपगल,

नई दिल्ली: आज के आधुनिक युग में जहाँ बीमारियाँ बढ़ रही हैं, वहीं उनसे बचने के लिए लोग एक बार फिर अपनी जड़ों की ओर लौट रहे हैं। आयुर्वेद और हर्बल (जड़ी-बूटी) साम्य तिब्बतन ट्रेडिशनल मेडिकल ट्रीटमेंट सेंटर चिकित्सा पद्धति ने पूरी दुनिया में अपनी एक नई पहचान बनाई है। रसायनों से मुक्त होने के कारण यह पद्धति स्वास्थ्य के लिए सबसे सुरक्षित मानी जा रही है।

श्री ताशी टॉपगल जी मुख्य दान वीर है

हर्बल दवाइयों की मुख्य विशेषताएँ

हर्बल दवाइयों की लोकप्रियता के पीछे कई ठोस कारण हैं, जो इन्हें अंग्रेजी दवाइयों से अलग बनाते हैं:

* जड़ से उपचार (Treatment from the Root):

हर्बल दवाइयां केवल बीमारी के लक्षणों को नहीं दबातीं, बल्कि बीमारी के असली कारण (Root Cause) को खोजकर उसे जड़ से खत्म करने का काम करती हैं।

* दुष्प्रभावों का अभाव (No Side-Effects):

चूँकि ये दवाइयां प्राकृतिक जड़ी-बूटियों, फूलों और पौधों के अर्क से बनाई जाती हैं, इसलिए सही मात्रा में सेवन करने पर इनका शरीर पर कोई दुष्प्रभाव (Side-effects) नहीं पड़ता।

* रोग प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि ,

* दीर्घकालिक स्वास्थ्य लाभ ,

हर्बल चिकित्सा का प्रभाव लंबे समय तक बना रहता है। यह शरीर के अंगों (जैसे लिवर और किडनी) को नुकसान पहुँचाने के बजाय उन्हें और अधिक कार्यक्षम बनाती ह

सावधानी और सुझाव

विशेषज्ञों का मानना है कि हर्बल दवाइयों का लाभ तभी मिलता है जब उन्हें सही विधि और परामर्श के साथ लिया जाए। किसी भी जड़ी-बूटी को औषधि के रूप में लेने से पहले चिकित्सक की सलाह अवश्य लेनी चाहिए।

निष्कर्ष: प्रकृति ने हमें उपचार के अनमोल साधन दिए हैं। हर्बल दवाइयों को अपनाकर हम न केवल बीमारियों से बच सकते हैं, बल्कि एक स्वस्थ और संतुलित जीवन जी सकते हैं।

साम्य तिब्बतन ट्रेडिशनल मेडिकल ट्रीटमेंट सेंटर प्रमुखता से काम कर रही है, प्राचीन काल से इस क्षेत्र काम कर रही है, इसकी विशेषता है कि ' नाडी देख कर ' ही रोग को समझ कर ईलाज किया जाता है। श्री ताशी टॉपगल जी मुख्य चिकित्सा अधिकारी है जो कम से कम समय और कम से कम खर्चे में इलाज करते हैं। गरीब से गरीब आदमी भी इलाज करवा सकते हैं।