विधायक-सांसदों से सिर्फ बात करा लो हिंदुत्व की, जीतने के बाद सबकी प्राथमिकता 'कमाई हो गई !

हिंदुत्व की राह से भटक गई,भाजपा की सरकारें और उसके नेता

हिंदुत्व की बात कर सत्ता में आने वाली भाजपा के लिए सत्ता महज 'साधन' नहीं,'साध्य हो गई !

विधायक-सांसदों से सिर्फ बात करा लो हिंदुत्व की, जीतने के बाद सबकी प्राथमिकता 'कमाई हो गई !

सत्ता तक सिमटा...हिंदुत्व का नारा

बात कड़वी, लेकिन सच है, भाजपा हिंदुत्व की राह से भटक गई है। न सिर्फ भटकी,बल्कि पूरी तरह से भटक गई है। हिंदुत्व का नारा सिर्फ सत्ता पाने तक सिमट गया और तेजी से सिमटता भी जा रहा है। सत्ता पाने के बाद न सरकार के स्तर पर,न जनप्रतिनिधियों के स्तर पर 'हिंदुत्व' को लेकर कहीं कोई चिंतन-मंथन हो रहा है। हिंदुत्व के नाम पर भरभर झोली वोट बटोरने के बाद सरकार और नेता, दोनों नोट बटोरने के काम में ऐसे निमग्न हुए कि वे अपना वैचारिक अनुष्ठान ही भूल गए। कभी भाजपा के लिए 'वैचारिक संगठन' में एकमात्र नारा दिया था कि हमारे लिए सत्ता सिर्फ 'साधन' है,अपने लक्ष्य की प्राप्ति का,'साध्य' नहीं। लेकिन अब भाजपा में सत्ता में आने और बने रहने की ही 'साधना' चल रही है। जो सत्ता में एक बार आ गया, वह लौटना नहीं चाहता। चाहे वह पार्षद हो, विधायक-सांसद हो या नगर इकाई का सदस्य ही क्यों न हो।

बीते करीब दो दशक से पार्टी के लिए जो कभी साधन था,अब 'साध्य' हो चला है और हिंदुत्व का वैचारिक अनुष्ठान रसातल में जाता जा रहा है। भगवा गमछे, दुपट्टे और हिंदुत्व के नारे महज दिखाने के साधन हो गए। इसकी आड़ में सरकार और नेता स्वयं का भला करने में 'प्राणपण' से जुटे हैं।

भाजपा व उसके नेता ये अच्छे से जान गए हैं कि हिंदुत्व के नाम पर वोटर कहां जाएगा? झक मारकर हमें ही बोट देगा।

जय श्री राम.....#NarendraModi #MYogiAdityanath