पेड़ काट रहे... फिर पानी के लिए करेंगे प्रार्थना !

पेड़ काट रहे... फिर पानी के लिए करेंगे प्रार्थना !

उजड़ती हुई हरियाली और मौन होती आत्मा

#Hardoi
हर साल बारिश की खेंच और अल्पवर्षा का परिणाम किसानों को नुकसान के रूप में तो आम आदमी को महंगाई के रूप में भुगतना पड़ रहा है। इधर पेड़ों की अवैध कटाई की जा रही है। पेड़ों की कटाई कर पानी के लिए प्रार्थना की जा रही है। कभी टड़ियावां थाना क्षेत्र बेनीगंज थाना क्षेत्र तो कभी सुरसा थाना क्षेत्र में पेड़ों की कटाई के मामले सामने आते रहे हैं। एक और मामला सुरसा थानाक्षेत्र में पुलिस सहायता केंद्र से चंद कदम की दूरी पर 04 आम के पेंड़ बगैर परमिट काट दिए गए,दिनदहाड़े हुए अवैध कटान की जिम्मेदारी न तो वन विभाग लेने को तैयार है और न ही पुलिस। लिहाजा कटान हुई लकड़ी एक स्थानीय धर्म कांटे पर इस उद्देश्य के साथ छुपाई गई है, कि अधिक दबाव बनेगा तो पर्ची काटकर कार्यवाही की खानापूर्ति कर दी जाएगी।

दरअसल सुरसा थानाक्षेत्र के पचकोहरा गांव में पुलिस सहायता केंद्र के पास ही एक आम के बगीचे में दो दिन पूर्व आम के 04 पेंड़ बगैर परमिट कटवाये गए। आरोप है कि जिस ट्रैक्टर ट्राली से परिवहन किया गया उसमें आयशर ट्रेक्टर नाबालिग लड़का चला रहा था, साथ ही ट्रेक्टर ट्राली का बिना नंबर प्लेट के संचालन किया जा रहा है। लकड़ी पास के ही एक धर्मकांटे पर बेंच दी गई।

जब मामले की पोल खुली तो वन विभाग के रेंजर ने धर्मकांटा संचालक से लकड़ी अपनी सुपुर्दगी में लेते हुए छुपा दी। वहीं पुलिस ने वन विभाग का प्रकरण होने की बात कहते हुए शिकायत न मिलने की बात कही है, जबकि वन विभाग के रेंजर द्वारा कार्यवाही के नाम पर बाग मालिक व लकड़कट्टे से मनमानी वसूली की जा रही है।
लगातार हो रही पेड़ों की कटाई से वन क्षेत्र कम होकर हरियाली उजड़ रही है। हर थाना क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों द्वारा "एक पेड़ मां के नाम" पौधे लगाए गए लेकिन सकारात्मक परिणाम नहीं मिल पाया। देखरेख के अभाव में एक भी पौधा नहीं चल पाया। यहीं स्थिति अन्य जगहों पर भी हुई।

हरदोई की धरती जिसने हमेशा अपनी संस्कृति,अपने संतुलन और संवेदनशीलता को जीवित रखा,आज एक बार फिर मौन हो गई है।