तलवापारा पंचायत में ग्राम सभा की बैठक में वित्तीय अनियमितताओं का लगा आरोप।

बैकुंठपुर। जनपद पंचायत अंतर्गत आने ग्राम पंचायत तलवापारा में रविवार 25 जनवरी 2026 को ग्राम सभा का आयोजित किया गया था ग्राम सभा में वित्तीय अनियमितताओं, अव्यवस्थाओं का गंभीर आरोप लगा है पंचायत की बैठक में जनप्रतिनिधि द्वारा निर्धारित समय पर उपस्थित न कर हो कर लगभग एक घंटे देरी से बैठक में मौजूद हुए सरपंच देवीदयाल सिंह एवं ग्राम पंचायत सचिव बृजेश साहू (जिनका 03 नवंबर 2025 को स्थानांतरण हो चुका है) ग्राम सभा के दौरान उपस्थित ग्रामीणों ने ग्राम पंचायत में 15वें वित्त आयोग एवं मूलभूत मद की राशि के उपयोग में व्यापक भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। ग्रामीणों का कहना था कि पंचायत में होने वाले कार्यों की कोई पूर्व जानकारी उन्हें नहीं दी जाती। पंचों ने भी आरोप लगाया कि किसी भी प्रस्ताव पर उनसे हस्ताक्षर नहीं कराए जाते और न ही पंचायत द्वारा निकाली जा रही राशि की जानकारी साझा की जाती है। पंचों के अनुसार ग्राम पंचायत में पारदर्शिता का पूरी तरह अभाव है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पंचायत भवन भी लगभग चार माह बाद खोला गया और उसी दिन ग्राम सभा आयोजित की गई, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त था। इन्हीं कारणों से रविवार को आयोजित ग्राम सभा का बहिष्कार किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि लगातार अनियमितताओं और भ्रष्टाचार के चलते उन्हें ग्राम सभा में भाग लेने का कोई औचित्य नहीं दिखा। ग्राम निवासी दीपक साहू ने बताया कि ग्राम पंचायत तलवापारा में लंबे समय से भ्रष्टाचार की शिकायतें सामने आ रही हैं। 15वें वित्त एवं मूलभूत मद की राशि का दुरुपयोग किया गया है और इसका लाभ वास्तविक विकास कार्यों में दिखाई नहीं देता। उन्होंने कहा कि ग्राम सभा का बहिष्कार ग्रामीणों का विरोध दर्ज कराने का एकमात्र माध्यम था, ताकि प्रशासन का ध्यान इस ओर आकर्षित किया जा सके। वहीं ग्राम पंचायत के सरपंच देवीदयाल सिंह ने सभी आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि पंचायत द्वारा किए गए सभी भुगतान नियमानुसार हैं और किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार नहीं किया गया है। सरपंच का कहना है कि विकास कार्यों में नियमों का पालन किया गया है और आरोप केवल भ्रम फैलाने के उद्देश्य से लगाए जा रहे हैं। इस संबंध में ग्राम पंचायत सचिव बृजेश साहू ने अपनी बात रखने से इनकार कर दिया। सचिव द्वारा कोई प्रतिक्रिया न दिए जाने से भी ग्रामीणों में असंतोष और बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही नहीं लाई गई तो वे आगे भी विरोध जारी रखेंगे और उच्च अधिकारियों से शिकायत करेंगे। फिलहाल ग्राम सभा के बहिष्कार और लगाए गए आरोपों ने पंचायत प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और ग्रामीणों की शिकायतों का समाधान किस प्रकार किया जाता है।