फ़ाइलेरिया रोगियों को वितरित हुयी एमएमडीपी किट

फ़ाइलेरिया प्रभावित अंगों की देखभाल का दिया गया प्रशिक्षण

रायबरेली।राष्ट्रीय फ़ाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम के अंतर्गत मंगलवार को तिलोई विकासखंड स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर शंकरगंज में फ़ाइलेरिया रोगियों को रुग्णता प्रबंधन एवं दिव्यांगता निवारण (एमएमडीपी) का प्रशिक्षण दिया गया तथा एमएमडीपी किट का वितरण किया गया।इस दौरान कुल 15 फ़ाइलेरिया मरीजों को लाभान्वित किया गया।एमएमडीपी किट में तौलिया,मग,टब,बाल्टी, एंटीसेप्टिक क्रीम सहित आवश्यक सामग्री शामिल थी, जिसका उपयोग फ़ाइलेरिया से प्रभावित अंगों की नियमित साफ-सफाई एवं देखभाल के लिए किया जाएगा।पीएसपी-सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी (सीएचओ)आरती ने बताया कि पेशेंट-स्टेकहोल्डर प्लेटफॉर्म के माध्यम से ग्रामीण स्तर पर फ़ाइलेरिया से बचाव, उसके लक्षण और उपचार के बारे में लोगों को जागरूक किया जा रहा है।उन्होंने कहा कि फ़ाइलेरिया से प्रभावित अंगों की नियमित देखभाल और व्यायाम करने से संक्रमण की आशंका कम होती है और सूजन नियंत्रित रहती है।फ़ाइलेरिया मच्छरों के काटने से होने वाली एक लाइलाज बीमारी है,जो दिव्यांगता का दूसरा प्रमुख कारण है।सीएचओ आरती ने मरीजों को प्रभावित अंगों की साफ-सफाई की सही विधि भी समझाई।उन्होंने बताया कि प्रभावित अंगों पर सीधे साबुन नहीं लगाना चाहिए,बल्कि हाथों से साबुन का झाग बनाकर हल्के हाथों से अंगों पर लगाएँ।इसके बाद धीरे-धीरे पानी से धोकर सूती तौलिये से हल्के हाथों से पोंछें।यदि किसी प्रकार का घाव हो तो उसे अच्छी तरह साफ कर एंटीसेप्टिक क्रीम लगाएँ।इस अवसर पर उन्होंने फ़ाइलेरिया प्रभावित अंगों के लिए आवश्यक व्यायाम भी करके दिखाए।बैठक में 60 वर्षीय फ़ाइलेरिया मरीज हसन अली ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनका दाहिना पैर फ़ाइलेरिया से प्रभावित था,जिसमें अत्यधिक सूजन के कारण वे दैनिक कार्य नहीं कर पाते थे और परिवार के सदस्यों पर निर्भर रहते थे।उन्होंने बताया कि तीन माह पूर्व सीएचओ उनके घर आई थीं और व्यायाम की जानकारी दी थी,जिसका उन्होंने नियमित अभ्यास किया।इसके परिणामस्वरूप उनके पैर की सूजन अब पूरी तरह समाप्त हो गई है।इस कार्यक्रम में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी,5आशा,संगिनी,प्रधान प्रतिनिधि और ग्रामीण गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे l