गंगासागर मेला 2026 के दौरान उत्कृष्ट सेवाओं के साथ सियालदह मंडल ने स्थापित किए नए मानदंड

पूर्व रेलवे के सियालदह मंडल ने गंगासागर मेला 2026 का सफलतापूर्वक समापन किया है। लाखों श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और आरामदायक यात्रा उपलब्ध कराने हेतु मंडल द्वारा प्रदर्शित समर्पण एवं प्रतिबद्धता ने इस प्रतिष्ठित धार्मिक आयोजन को ऐतिहासिक सफलता दिलाई है।

श्रद्धालुओं की अभूतपूर्व भीड़, विशेष रूप से बिहार की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि को देखते हुए, सियालदह मंडल ने यात्रियों की सुविधा के लिए अग्रिम एवं सक्रिय उपाय अपनाए।

मेला अवधि के दौरान सियालदह से नामखाना एवं काकद्वीप की ओर कुल 352 विशेष ट्रेनों का परिचालन किया गया, जो अब तक का सर्वाधिक आंकड़ा है। ट्रेनों की समयपालनता बनाए रखने तथा गंतव्य तक समय पर पहुंच सुनिश्चित करने के लिए सख्त परिचालन उपाय किए गए।

15 एवं 16 जनवरी को अत्यधिक यात्री दबाव को ध्यान में रखते हुए विशेष व्यवस्थाएं की गईं। 15 जनवरी को बिहार जाने वाले यात्रियों की अचानक बढ़ी भीड़ को देखते हुए, त्वरित कार्रवाई करते हुए एक विशेष ?स्क्रैच रेक? ट्रेन तैयार कर परिचालन में लाई गई। इस आपात व्यवस्था से अतिरिक्त भीड़ को नियंत्रित करने में सहायता मिली और प्रतीक्षारत यात्रियों को तत्काल राहत प्रदान की गई।

श्रद्धालुओं की वहन क्षमता बढ़ाने तथा निर्बाध यात्रा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से 15 एवं 16 जनवरी को बिहार जाने वाली तीन प्रमुख मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों में दो-दो अतिरिक्त जनरल श्रेणी (जीएस) कोच जोड़े गए।

यात्रियों के सुव्यवस्थित प्रवेश को सुनिश्चित करने हेतु बड़े होल्डिंग एरिया का रणनीतिक उपयोग अत्यंत प्रभावी सिद्ध हुआ। प्रवेश एवं निकास द्वारों के स्पष्ट पृथक्करण से यात्रियों की आवाजाही सुचारु रही तथा स्टेशन परिसर में भीड़भाड़ की स्थिति से बचाव हुआ।

त्वरित एवं सरल टिकट सुविधा हेतु अतिरिक्त टिकट काउंटर खोले गए। साथ ही, एक अभिनव पहल के रूप में एम-यूटीएस (M-UTS) सेवा शुरू की गई, जिसके अंतर्गत बुकिंग क्लर्क यात्रियों के पास जाकर सीधे टिकट जारी करते रहे। इससे लंबी कतारों से बचाव हुआ और विशेष रूप से वरिष्ठ नागरिकों एवं जरूरतमंद यात्रियों को बड़ी सुविधा मिली। 11.01.26 से 15.01.26 के दौरान गंगासागर मेला 2026 में लगभग 10 लाख यात्रियों ने रेल सेवा का उपयोग किया, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 25% अधिक है।

सियालदह मंडल ने यह भी सुनिश्चित किया कि हजारों श्रद्धालु अत्यंत न्यूनतम किराए पर गंगासागर मेला की यात्रा कर सकें। 100 किलोमीटर से अधिक की दूरी होने के बावजूद मात्र ₹25 का किराया निर्धारित किया गया, जिससे समाज के सभी वर्गों के श्रद्धालुओं के लिए यह पवित्र यात्रा सुलभ बनी।

यात्रियों की सुरक्षा एवं भीड़ प्रबंधन के लिए पिछले वर्ष की तुलना में दोगुनी संख्या में सुरक्षा बल तैनात किए गए। 24 घंटे सीसीटीवी निगरानी के माध्यम से संपूर्ण सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की गई। बोर्डिंग एवं उतरने वाले स्थानों पर सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई, विशेष रूप से दिव्यांग एवं सहायता की आवश्यकता वाले यात्रियों की मदद के लिए।

सियालदह के डीआरएम राजीव सक्सेना ने कहा कि गंगासागर मेला के दौरान सियालदह मंडल द्वारा प्रदान की गई निर्बाध सेवाओं की श्रद्धालुओं द्वारा व्यापक सराहना की गई है। यह सफलता मंडल के कर्मचारियों की कड़ी मेहनत, समर्पण और टीमवर्क का परिणाम है, जिन्होंने लाखों श्रद्धालुओं के लिए इस पावन यात्रा को सुरक्षित, सुव्यवस्थित और स्मरणीय बनाने हेतु अथक प्रयास किए।