आंदोलन नहीं सरकार का आंदोलन को तोड़ने का भ्रम टूटेगा  जौली वैश्य 

​​​​​​​​​​​​​​आज आशा कर्मियों की हड़ताल के 31वे दिन हड़ताल जारी रखते हुए मालवीय विद्यालय मैदान में बड़ी संख्या में आशा कर्मियों ने निरंतर जारी धरने में हिस्सा लिया।

धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष जोली वैश्य ने कहा कि आपके हौसले और संकल्प के सामने सरकार का कोई दमन और उत्पीड़न काम नहीं करेगा। आज 31 दिन बाद भी जिस तरह आप सब और प्रदेश भर में आशा बहने अपने सवालों के समाधान के लिए जूझ रही हैं , उससे यह साबित होता है कि हड़ताल को तोड़ने का राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन और सरकार का सपना कभी पूरा नहीं होगा। उनका भ्रम टूटेगा आंदोलन नहीं।

जौली वैश्य ने कहा कि 17 जनवरी को सरकार के दमनात्मक रवैए और अहंकार के विरुद्ध पूरे प्रदेश की तरह हम सब भी काला दिवस मनाकर सरकार के व्यवहार के विरुद्ध अपने गुस्से और क्षोभ का इजहार करेंगे। उन्होंने की आशा कर्मियों को इस आंदोलन के आशा बहू के बजाय आशा वर्कर के रूप में समाज में पहचान मिली है । यह हमारी पहली जीत है और 31 दिन बाद भी सरकार विभिन्न रूपों में तिकड़म करने के बावजूद भी आंदोलन को तोड़ने के विफल रही और हम एकताबद्ध संघर्ष में टिके हुए हैं यह हमारी दूसरी और सबसे बड़ी जीत है ।

उन्होंने कहा कि हम आगे भी जीतेंगे और सरकार को हमारी बात हर कीमत में सुननी पड़ेगी।

उन्होंने आह्वान किया कि जिन आशा कर्मियों के पास काले दुपट्टे न हों वे काले दुपट्टे खरीद ले,और 17 जनवरी को काला दिवस सफल करते हुए 19 और 20 जनवरी को अपने परिवारों ,रिश्तेदारों ,मित्र ,शुभ चिंतकों, समाजसेवी ,कर्मचारी संगठनों आदि को अपने धरने में शामिल करने में जोर लगाकर उन्हें भी अपने संघर्ष में हिस्सेदार बनाते हुए सरकार को चेतावनी देनी है कि हमे अकेला न समझें।

आज धरने में भारी संख्या में आशा ,संगिनी एकत्र हुई, जिनमें प्रमुख रूप से सुनानलता , नीरज देवी , रेखा देवी , रिंकी , रीता ,सपना , पूनम , पद्मावती , नन्ही देवी शामिल थीं