बाबा इन्टरनेशनल स्कूल में शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी का हुआ आयोजन

बाबा इन्टरनेशनल स्कूल में शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी का हुआ आयोजन

बिल्सी: बाबा इन्टरनेशनल स्कूल में शिक्षक-अभिभावक संगोष्ठी का आयोजन हुआ। इस संगोष्ठी में कक्षा-9 से 12 तक के विद्यार्थियों के अभिभावक विद्यालय में उपस्थित हुए। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों के पीरियॉडिक टेस्ट?3 तथा प्री-बोर्ड परीक्षा?1 के परीक्षा परिणामों की जानकारी अभिभावकों को देना एवं विद्यार्थियों की शैक्षणिक प्रगति पर विस्तृत चर्चा करना था।

बैठक के दौरान विषय अध्यापकों ने प्रत्येक विद्यार्थी के शैक्षणिक प्रदर्शन, उत्तर-पुस्तिकाओं की गुणवत्ता, समय प्रबंधन, उपस्थिति, अनुशासन तथा कक्षा में सहभागिता पर विस्तार से प्रकाश डाला। अभिभावकों को यह भी बताया गया कि उनके बच्चों की किन विषयों में स्थिति संतोषजनक है और किन विषयों में अतिरिक्त अभ्यास एवं मार्गदर्शन की आवश्यकता है। साथ ही, कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष सुधारात्मक कक्षाओं एवं अतिरिक्त अभ्यास कार्य की जानकारी भी दी गई।

शिक्षकों ने अभिभावकों को आगामी बोर्ड परीक्षाओं को ध्यान में रखते हुए नियमित अध्ययन, पुनरावृत्ति, समयबद्ध अभ्यास तथा अनुशासित दिनचर्या अपनाने की सलाह दी। विद्यालय प्रशासन की ओर से यह अपील की गई कि अभिभावक घर पर बच्चों को पढ़ाई के लिए सकारात्मक एवं अनुशासित वातावरण उपलब्ध कराएं तथा मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल माध्यमों के अत्यधिक उपयोग पर नियंत्रण रखें।

विद्यालय डायरेक्टर अनुज वार्ष्णेय एवं विद्यालय निदेशिका साधना वार्ष्णेय ने कहा कि हमारा लक्ष्य एक ऐसा समर्थनकारी और समावेशी शिक्षा वातावरण बनाना है जो हमारे छात्रों को सफल होने में मदद करे। अभिभावकों की भागेदारी बच्चों की शैक्षिक यात्रा में अत्यन्त महत्वपूर्ण है यह बच्चों के माता-पिता पर निर्भर करता है कि वह उन्हें कैसा वातावरण प्रदान करते हैं। बच्चों को उत्कृष्ट शिक्षण वातावरण देने के लिए विद्यालय प्रबन्धन हर समय और हर तरह से प्रयासरत है।

विद्यालय प्रधानाचार्या रूपा माहेश्वरी ने अपने संबोधन में कहा कि अभिभावक और शिक्षक यदि एक-दूसरे के सहयोगी बनकर कार्य करें तो बच्चों की शिक्षा और अनुशासन दोनों ही मजबूत बन सकते हैं। उन्होंने बताया कि विद्यालय सदैव गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है और इस प्रकार की संगोष्ठियाँ बच्चों के समग्र विकास में सहायक सिद्ध होती हैं।

अभिभावकों ने भी इस अवसर पर अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत किए। कई अभिभावकों ने शिक्षकों के प्रयासों की सराहना की और विद्यालय द्वारा समय-समय पर आयोजित की जाने वाली ऐसी बैठकों को बच्चों की प्रगति के लिए अत्यंत उपयोगी बताया।