Sarh-क्षेत्र मे धड़ल्ले से हो रही है हरे ब्रक्षों की कटान, वन विभाग की मिली भगत.....

साढ़-क्षेत्र मे वन विभाग की मिली भगत से धड़ल्ले से हो रही है हरे पेड़ों की कटान.........

:-वन विभाग की मिली भगत से हो रहा है ऐसा खेल, पुलिस को भी सामिल करने की कोशिस मे........

भीतरगांव। जनपद कानपुर नगर के घाटमपुर फारेस्ट रेंज क्षेत्र मे आने वाले साढ़ थाना क्षेत्र मे वन विभाग की मिली भगत से व दबंग ठेकेदार धर्मेन्द्र सिंह व दूसरा धर्मेन्द्र कुमार के चलते हरे पेड़ों की कटान जम कर चल रही है इस सम्बंध मे मीडिया कर्मियों द्वारा रोक टोक की गयी तो ठेकेदार ने स्पष्ट रूप से बताया कि वन विभाग की वर्बली सहमति व पुलिस विभाग से मिल कर काम कराया जा रहा है कोई फ्री मे नहीं कराया जा रहा है आप को पता करना हो को वन विभाग से पूंछ लो जिसके बाद पत्रकारों के सामने ही थाने के एसआई द्वारा वन विभाग से बात की गयी तो उधर से जवाब मेला कि लकड़ी ठेकेदार से यह कहा गया था कि पहले तुम पेड़ जड़ से गिरा दो उसके बाद अगर अत्यधिक शोर गुल होता है तो हम लोग औने पौने दामों मे जुर्माना कर दें गे यह बात एसआई साहब से वन विभाग के किसी माथुर साहब ने कही थी जिसके बाद पत्रकार के द्वारा जब जब त्रिपाठी जी से बात की गयी तो उन्होने बताया कि ऐसी कोई बात नही हुई है और हम कल आकर पेड़ मालिक व ठेकेदार के उपर मुकदमा पंजीक्रत कराया जाएगा परंतु आज चार दिन हो जाने के बाद भी वन विभाग के किसी कर्म चारी ने किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नही की है जब कि वन विभाग ने पत्रकार का नाम पता पेड़ मालिक दुलारे तिवारी को बता दिया जिसके चलते पत्रकार को धमकियां मिलनी सुरू हो गयीं जब कि पिछले दस दिनों मे कोरथा गांव से लगभग दो लाख कीमत की लकड़ी कट के चली गयी जिसमे लगभग आधा दर्जन सागौन के पेड़ पांच नीम के पेड़ व एक आम का पेड़ था कटाने वाले ठेकेदार दबंग किस्म के ठाकुर धर्मेन्द्र सिंह व धर्मेन्द्र कुमार पासवान है दोनो ने क्षेत्रीय पत्रकारों को बराबर धमकी दे रहे हैं जब कि पूरा खेल वन विभाग का ही है इस सम्बंध मे जब हल्का इंचार्ज उप निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह से पूंछा गया तो उन्होने बताया कि वन विभाग की मिली भगत से सारे काम होते हैं यहां तक कि त्रिपाठी जी हमसे भी ले दे कर मामले को समाप्त करने की बात कह रहे थे जिसे सुन कर हमे बहुत अधिक नाराजगी हुई थी परंतु मामले को किसी तरह वहीं से समाप्त कर दिया था। वहीं पूरी लकड़ी साढ़ मे बने अवैद्ध लकड़ी गोडाऊन से बिना किसी कागज पत्र व टैक्स के बंद गाड़ी मे लोड होकर बाहर भेजी जा रही है जिसका सर्वे सर्वा बड़े नाम का ठेकेदार है अगर किसी ने विरोध भी किया तो वह स्वयम् अथवा साढ़ पुलिस के द्वारा फर्जी मुकदमे मे भंसा कर जेल भेज देने की बात कहते हुए युवक को शांत करा देता है इसी लिए आज तक कोई भी पत्रकार बड़े ठेकेदार के विरुद्ध कोई खबर कभी नही चलाता है इस सम्बंध मे जब बन विभाग से जानकारी करने की कोसिष की जाती है तो कोई स्पष्ट जवाब नहीं मिल पाता है।।