अनोखी शादी! यहां पंडित जी ने नहीं पढ़े मंत्र, फेरों की जगह संविधान की शपथ लेकर बने जीवनसाथी

सुरतगढ़ अनोखी शादी! यहां पंडित जी ने नहीं पढ़े मंत्र, फेरों की जगह संविधान की शपथ लेकर बने जीवनसाथी

[न फेरे लिये गए, न रस्में अदा हुईं और न ही कोई शुभ मुहूर्त देखा गया? इस अनोखी शादी की चर्चा हर जगह हो रही है, जो संविधान को साक्षी मानकर हुई है!]

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले के सूरतगढ़ शहर के अरोड़वंश भवन में सूरतगढ़ के जाने-माने बिजनेसमैन उपासक लेखचंद कड़वा की सुपुत्री अनिता (कंचन) नायक एवं हंसराज रोझ के सुपुत्र एडवोकेट राजकुमार (प्रिंस)ने एक दूसरे को पति-पत्नी स्वीकार किया। इस शादी को सामाजिक बदलाव की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है. शादी में दूल्हा राजकुमार (प्रिंस)और दुल्हन अनिता (कंचन)ने सात कदम साथ चल कर संविधान पर आधारित सात संकल्प लिए. आमतौर पर अनेक रस्मों के साथ शादी ब्याह होते हैं. लेकिन सूरतगढ़ शहर में मंत्रों, रीति रिवाजों जैसे तमाम परंपराओं के बगैर हुई शादी को लेकर बातचीत हो रही है.
क्या है इस तरह शादी के पीछे सोच?DNT प्रदेशाध्यक्ष रघुवीर नायक ने पत्रकार वार्ता में मदनलाल पण्डितांवाली को बताया कि सूरतगढ़ शहर के जाने-माने फर्नीचर बिजनेसमैन लेखचंद कड़वा की बेटी की शादी , रूढ़िवादी परंपरा रहित हुईं है. सामान्यता शादियों में मुहूर्त निकाला जाता है एवं लगन लिखे जाते हैं दूल्हा तलवार से तोरण मारता है. फिर उसके बाद फेरे होते हैं। दिखावा का प्रदर्शन कर विदाई होती है. अनिता (कंचन) की शादी में ऐसा कुछ नहीं हुआ.। यह विवाह विशेष अधिनियम के तहत हुआ. इसे कानूनी शादी भी कह सकते हैं. रघुवीर नायक ने बताया कि दोनों परिवारों द्वारा भारतीय संविधान पढ़ और डॉ. अंबेडकर के समाज सुधार के कामों से प्रेरित होकर दोनों संबंधियों ने मिलकर समाज को नया संदेश दिया हैं. दोनों परिवारों ने आपसी सहमति से सारी परंपराओं को तोड़ते हुए बिना किसी पाठ पूजा के *आदरणीय भंते निब्बाण पथिक एवं भंते धम्म स्वरूप जी के सानिध्य में* विवाह संपन्न करवाया. इससे समाज में बाकी लोग भी प्रेरित होंगे.

*कौन से हैं वो सात संकल्प ?*
इस शादी में दुल्हा-दुल्हन ने एक कदम पर एक संकल्प लिया। इसी तरह सात कदम साथ चलकर सात संकल्प लिए। दुल्हा-दुल्हन पहले कदम पर संकल्प लिया-'आज हम अपने परिजनों व प्रियजनों के समक्ष भारत के संविधान को साक्षी मानकर यह संकल्प लेते हैं कि आज से हम परस्पर एक दूसरे के जीवन के पूरक के रूप में सहभागी होंगे।
*'दूसरे कदम पर-*
'हम संकल्प लेते हैं कि हमारी यह सहभागिता आपसी विश्वास और बराबरी पर आधारित होगी। हम एक दूसरे के व्यक्तित्व का मैत्री भाव से सम्मान करते हुए जीवन विकास की दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे।
*'तीसरे कदम पर-*
'हम संकल्प लेते हैं अपने सह जीवन के समस्त दायित्वों का निर्वाह पूर्ण निष्ठा से करेंगे। हमारा सहभागी जीवन देश, दुनिया और समाज की बेहतरी के लिए समर्पित रहेगा। हम संकल्प लेते हैं हमारा आचरण भारत के संविधान के सार्वजनिक मूल्यों, न्याय, समानता, स्वतंत्रता व बंधुत्व के अनुरूप होगा। हम एक दूसरे को पूरा मान सम्मान प्रतिष्ठा व गरिमा देंगे।
*'चौथे कदम पर-*
'हम संकल्प लेते हैं सुस्नेह, सद्भाव, मैत्री व सहयोग के भाव से धरती के सभी प्राणियों, प्रकृति, पर्यावरण व परिस्थिति का संरक्षण व संवर्धन व सम्मान करेंगे। तथा समस्त जीव जंतुओं, पशु पक्षियों, नदियों, तालाबों, पर्वतों, समुद्रों के प्रति मैत्री भाव रखेंगे।
*'पांचवां कदम पर -*
'हम संकल्प लेते हैं जीवन में कठिन परिस्थितियों, नकारात्मकता, निराशा व संघर्ष के क्षणों का हम पूर्ण धेर्य, करुणा, उदारता व समझदारी के साथ सामना करेंगे। एक दूसरे का संबल बनेंगे।
*'छठे कदम पर -*
'हम संकल्प लेते हैं समय के साथ अगर हमारे रिश्तों में कोई बदलाव आया तो भी हम एक दूसरे का सम्मान करेंगे। एक साथ बिताए समय को मैत्री, सद्भाव व संतुष्टि से देखेंगे। किसी भी परिस्थिति से निकलने में एक दूसरे की मदद करेंगे।
*'सातवें कदम पर-*
'हम संकल्प लेते हैं हम तथागथ गौतम बुद्ध, संत कबीर, ज्योतिबा फुले, सावित्री बाई, फातिमा शेख, बाबा साहब अंबेडकर, भगत सिंह, जैसे हमारे पुरखों व पुरखिनों की प्रेरणा अपने पूर्वजों व प्रकृति के संबल से आप सब की उपस्थिति में यह संकल्प लेते हैं।'

{{इसी शुभ अवसर पर पारिवारिक खुशी में शिक्षक के क्षेत्र में अग्रणी समाज की संस्थान सिंधु फाउंडेशन संस्थान सिंधु भामाशाह लेखचंद कड़वा ने 3100/- रुपये सिंधु अकाऊन्ट में जमा किया और वहीं वर पक्ष हंसराज रोझ ने भी अपने सुपुत्र एडवोकेट राजकुमार (प्रिन्स)की शादी के अवसर पर में 2100 रूपए का सिंधु फाउंडेशन में सहयोग किया । सिंधु फाउंडेशन द्वारा दोनों परिवारों का आभार व्यक्त किया गया।}}

इस अवसर पर विधायक शिमला नायक, डीएनटी प्रदेशाध्यक्ष रघुवीर नायक, विधायक सोहनलाल नायक, डॉ. जितेंद्र बोगियां ,रेलवे लोको पायलट सुरेश नायक, नारायण नायक आर्मी , सिंधु फाउंडेशन अध्यक्ष दीपाराम नायक, प्रेम प्रकाश,भंवरलाल,चेतनराज नायक, गोविंद नायक उत्तम जीवन रक्षा पदक कोटा महेश आर्य किशन जयपाल परसराम भाटिया हनुमान मील राजाराम गोदारा ओमप्रकाश कालवा सुलोचना नायक विधायक शिमला नायक पूर्व प्रधान विरमा देवी नायक डॉ. मोना नायक तेजस्विनी सुखदेव सिंह एडवोकेट रामकुमार नायक इंजी बनवारी लाल मेघवाल राजेंद्र प्रसाद माही गोपीराम शीशपाल लोहरा देवकुमार समाज के गणमान्य नागरिक एवं महिलाएं उपस्थित रहे।