* "पेमा शेरिंग तिब्बतन मेडिकल सेंटर"हर्बल चिकित्सा पद्धति सर्वोत्तम *

Pema sorig Tibetan Medical centre,

Sector - 19, Dwarka,

Ph. 75057 38084

पेमा छेरिंग तिब्बती मेडिकल सेंटर (Pema Sorig "Tibetan Medical Center / Pema Sorig Clinic) तिब्बती पारंपरिक चिकित्सा पद्धति सोवा-रिग्पा (Sowa-Rigpa) पर आधारित एक वेलनेस एवं हीलिंग क्लिनिक/सेंटर है। तिब्बती स्वास्थ्य परंपरा और प्राकृतिक उपचार पद्धतियों में रुचि रखने वाले लोगों के बीच ऐसे संस्थान काफी लोकप्रिय हैं।जोकि द्वारका सेक्टर 19 , में शुरू हो गया है ।

मुख्य विशेषताएं एवं उपचार पद्धतियां

�* सोवा-रिग्पा (Sowa-Rigpa) प्रणाली: यह क्लिनिक तिब्बत की सदियों पुरानी पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली पर काम करता है। सोवा-रिग्पा में शरीर, मन और आत्मा के संतुलन को स्वास्थ्य का आधार माना जाता है।

�* पारंपरिक नाड़ी परीक्षण (Pulse Diagnosis): यहां मुख्य रूप से मरीज की नाड़ी देखकर (Pulse Examination), जीभ एवं मूत्र परीक्षण तथा उसकी जीवनशैली के आधार पर शारीरिक दोषों (वात, पित्त, कफ) के असंतुलन का पता लगाया जाता है।

�* जड़ी-बूटियों पर आधारित औषधियां: उपचार में पूरी तरह से प्राकृतिक हिमालयी जड़ी-बूटियों, खनिजों और जड़ी-बूटी युक्त गोलियों (Sorig Herbal Medicines) का उपयोग किया जाता है।

�* प्राकृतिक थेरेपी (External Therapies): पुरानी बीमारियों, जोड़ों के दर्द और मानसिक तनाव को दूर करने के लिए यहां पारंपरिक तिब्बती कपिंग, तेल मालिश (Ku-Nye), सेकाई (Moxibustion) और हर्बल बाथ जैसी बाहरी थेरेपी भी दी जाती हैं।

�* गंभीर व पुरानी बीमारियों का इलाज: द्वारका सेक्टर 19 में यह सेंटर मुख्य रूप से पाचन विकार, जोड़ों का दर्द, माइग्रेन, त्वचा संबंधी समस्याएं, अनिद्रा, तनाव और क्रॉनिक (पुरानी) बीमारियों के प्राकृतिक समाधान के लिए जाना जाता है।

इस चिकित्सा केंद्र की प्रमुख बातें

�* होलिस्टिक एप्रोच: केवल लक्षणों को दबाने के बजाय बीमारी की जड़ और शरीर के ऊर्जा संतुलन पर ध्यान दिया जाता है।

�* कुदरती उपचार: दवाओं के साइड-इफेक्ट्स न के बराबर होते हैं क्योंकि वे जड़ी-बूटियों से निर्मित होती हैं।

�* आहार एवं जीवनशैली मार्गदर्शन: मरीजों को उनके शरीर की प्रकृति के अनुसार सही खान-पान और दिनचर्या अपनाने की सलाह दी

जाती है।