* 125 वां नवरात्र महोत्सव एवं धर्म सम्मेलन शुभारम्भ *

दिल्ली 11 अक्टूबर:~नवरात्र केवल पूजा पाठ या कर्मकांड ही नहीं बल्कि अपनी भीतरी ऊर्जा को भी पहचान करने का ऋतुओं का संधिकाल है यह संदेश स्वामी राजेश्वरानंद राजगुरु जी महाराज द्वारा 125 वाँ नवरात्र महोत्सव एवं धर्म सम्मेलन का विधिवत शुभारंभ करते हुए भक्तों को श्री राजमाता झंडेवाला मंदिर गोरख पार्क शाहदरा में दिया गया।

सद्गुरु राज दरबार के प्रबंधक रामराज वोहरा ने बताया स्वामी राजेश्वरानंद राजगुरु जी महाराज के पावन सान्निध्य में 125 वाँ नवरात्रि महोत्सव एवं धर्म सम्मेलन विधि वध "सर्व मंगल मंगल मांगले " वैदिक मंत्रोचारण के द्वारा यज्ञ में आहुतियां देते हुए शुभारंभ हुआ। भक्तों ने स्वामीजी के सान्निध्य में जनकल्याण विश्वशांति हेतु यज्ञ में आहुतियां अर्पित की।खेत्री बिजन एवं सर्व कल्याण अरदास के साथ नवरात्र महोत्सव की बधाई दी गई।

इस अवसर पर स्वामी राजेश्वरानंद राजगुरु जी महाराज ने कहा कि *" नवरात्रि काल में शक्ति की पूजा पाठ अर्चना आराधना के साथ अपनी भीतरी शक्ति पहचानने की दिशा में बढ़ें और नवरात्र का वैज्ञानिक महत्व समझे जोकि हमें ज्ञान देता हैं कि दो ऋतुओं के संधिकाल में नवरात्र पर्व का संदेश है कि एक ऋतु से दूसरी ऋतु में प्रवेश करने से पहले अपनी इंद्रियों पर संयम नियंत्रण, मन को धैर्य का अनुभव जिससे धीरे धीरे मनुष्य अपनी भीतरी आत्मा रूपी शक्ति का अनुभव करता हैं।

18 अक्टूबर तक प्रतिदिन प्रातः साढ़े 6 बजे यज्ञ,दोपहर 1 बजे भंडारा दोपहर 3 से 6 बजे भगवती चौकी एवं फलाहार भंडारा वितरण।

19 अक्टूबर सोमवार समापन समारोह भगवती चौकी शाम 6 से रात्रि 10 बजे तक एवं अनेक धार्मिक सामाजिक आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।

राम राज वोहरा 9212315006