शंकरगढ़ में आरओबी निर्माण को मिली गति, 54 मीटर लंबे गर्डर की लॉन्चिंग पूरी

शंकरगढ़ में आरओबी निर्माण को मिली गति, 54 मीटर लंबे गर्डर की लॉन्चिंग पूरी

दिसंबर 2026 के अंत तक चालू करने का लक्ष्य, नारीबारी और शिवराजपुर के बीच आवागमन होगा सुगम

प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे ने रेल और सड़क यातायात को सुरक्षित एवं सुगम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। प्रयागराज मंडल के नैनी-मानिकपुर रेलखंड पर शंकरगढ़ यार्ड के निकट समपार संख्या 415ए के स्थान पर बनाए जा रहे रोड ओवर ब्रिज (आरओबी) के निर्माण कार्य में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। 11 अक्टूबर 2026 को 54 मीटर लंबे बो स्ट्रिंग गर्डर की असेंबलिंग और लॉन्चिंग सफलतापूर्वक पूरी कर ली गई।

उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के मार्गदर्शन में चल रहे इस कार्य के पूरा होने से शंकरगढ़ क्षेत्र के नारीबारी और शिवराजपुर के बीच सड़क संपर्क बेहतर होगा। साथ ही स्थानीय लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और बाजार क्षेत्र में लगने वाले जाम से राहत मिलने की उम्मीद है।

62.67 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा निर्माण

इस आरओबी परियोजना को वर्ष 2022-23 में कुल 62.67 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी दी गई थी। इसमें रेलवे की हिस्सेदारी 23.60 करोड़ रुपये है। परियोजना का निर्माण राज्य सरकार के साथ लागत साझा करने के आधार पर किया जा रहा है। रेलवे के हिस्से का निर्माण उत्तर मध्य रेलवे के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी (रोड सेफ्टी प्रोजेक्ट्स) के अधीन गति शक्ति प्रयागराज इकाई कर रही है, जबकि पहुंच मार्ग का निर्माण उत्तर प्रदेश राज्य सेतु निगम लिमिटेड द्वारा किया जा रहा है।

बाजार क्षेत्र में जाम से मिलेगी राहत

वर्तमान में नारीबारी और शिवराजपुर के बीच यातायात के लिए समपार संख्या 415बी का इस्तेमाल किया जाता है। बाजार क्षेत्र में स्थित होने के कारण यहां अक्सर जाम की स्थिति बनती है। इससे सड़क यातायात के साथ-साथ कई बार रेल परिचालन भी प्रभावित होता है और ट्रेनों को विलंब का सामना करना पड़ता है।

रेलवे ने इस आरओबी को दिसंबर 2026 के अंत तक चालू करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके शुरू होने से सड़क यातायात अधिक सुगम होगा और रेल परिचालन को निर्बाध बनाए रखने में भी मदद मिलेगी।