वंदे भारत एक्सप्रेस बनी जीवन रक्षक, तीसरी बार ट्रेन से पहुंचाया गया जीवंत हृदय

वंदे भारत एक्सप्रेस बनी जीवन रक्षक, तीसरी बार ट्रेन से पहुंचाया गया जीवंत हृदय

सूरत से अहमदाबाद तक ग्रीन कॉरिडोर बनाकर पहुंचाया हृदय

भारतीय रेल ने एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश करते हुए वंदे भारत एक्सप्रेस के माध्यम से जीवंत हृदय का सफलतापूर्वक परिवहन किया। 1 नवंबर 2026 को ट्रेन संख्या 20901 मुंबई सेंट्रल-गांधीनगर कैपिटल वंदे भारत एक्सप्रेस से सूरत से अहमदाबाद तक हृदय पहुंचाया गया। यह तीसरी बार है, जब वंदे भारत एक्सप्रेस के माध्यम से जीवंत हृदय का परिवहन किया गया है।

जानकारी के अनुसार, न्यू सिविल हॉस्पिटल सूरत से लाए गए जीवंत हृदय को सूरत रेलवे स्टेशन पर वंदे भारत एक्सप्रेस के कोच संख्या सी-12 में सुरक्षित रखा गया। ट्रेन के अहमदाबाद पहुंचने पर रेलवे के वाणिज्य विभाग के कर्मचारियों, रेलवे सुरक्षा बल, राजकीय रेलवे पुलिस और राज्य पुलिस ने प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर ग्रीन कॉरिडोर तैयार किया। इसके माध्यम से हृदय को बेहद कम समय में यूएन मेहता इंस्टीट्यूट ऑफ कार्डियोलॉजी एंड रिसर्च सेंटर पहुंचाया गया।

यहां विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम द्वारा हृदय प्रत्यारोपण किया जाएगा। हृदय प्रत्यारोपण में समय की बेहद अहम भूमिका होती है। ऐसे में रेलवे की तेज और समयबद्ध सेवा मरीज के लिए जीवनदायिनी साबित हो सकती है।

अहमदाबाद मंडल के मंडल रेल प्रबंधक वेद प्रकाश ने बताया कि यह तीसरा अवसर है, जब वंदे भारत एक्सप्रेस के जरिए जीवंत हृदय को सुरक्षित और तेजी से पहुंचाया गया है। उन्होंने कहा कि भारतीय रेल अब केवल यात्रियों को सुविधाजनक सफर ही नहीं करा रही, बल्कि आपातकालीन चिकित्सा सेवाओं में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही है।

इस जीवन रक्षक अभियान को सफल बनाने में पश्चिम रेलवे, संबंधित अस्पतालों, चिकित्सा टीमों, पुलिस और रेलवे कर्मचारियों के बीच बेहतर समन्वय देखने को मिला। भारतीय रेल ने भविष्य में भी ऐसे मानवीय अभियानों में हरसंभव सहयोग देने की प्रतिबद्धता जताई है।