निकाय चुनाव से पहले पाली में बड़ा सियासी उलटफेर पाली नगर निगम की पूर्व महापौर के पति एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता राकेश भाटी ने थामा कांग्रेस का हाथ

निकाय चुनाव से पहले पाली में बड़ा सियासी उलटफेर

पाली नगर निगम की पूर्व महापौर के पति एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता राकेश भाटी ने थामा कांग्रेस का हाथ

पाली। सिटी निकाय चुनाव से पहले पाली की राजनीति में बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता राकेश भाटी ने कांग्रेस का दामन थाम लिया है। भाटी के कांग्रेस में शामिल होने से पाली के राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर तेज हो गया है। खास बात यह है कि राकेश भाटी पाली नगर निगम की पूर्व महापौर के पति हैं और लंबे समय से भाजपा की राजनीति से जुड़े रहे हैं।

राकेश भाटी के कांग्रेस में शामिल होने को आगामी निकाय चुनाव के मद्देनजर महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम माना जा रहा है। उनके कांग्रेस में जाने से भाजपा को झटका लगने के साथ ही कांग्रेस को पाली में राजनीतिक रूप से मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

निकाय चुनाव से पहले बढ़ी सियासी हलचल

पाली में निकाय चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां पहले से ही तेज हैं। ऐसे समय में भाजपा के वरिष्ठ नेता का कांग्रेस में शामिल होना स्थानीय राजनीति में नए समीकरणों की ओर संकेत कर रहा है। भाटी के कांग्रेस में आने से पार्टी को उनके राजनीतिक अनुभव और स्थानीय स्तर पर संपर्कों का लाभ मिलने की उम्मीद है।

स्थानीय राजनीति में बदल सकते हैं समीकरण

राकेश भाटी के कांग्रेस में शामिल होने के बाद अब पाली की सियासत में संभावित राजनीतिक समीकरणों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। निकाय चुनाव में इसका कितना असर देखने को मिलेगा, यह आने वाले समय में स्पष्ट होगा। फिलहाल भाटी के पाला बदलने से कांग्रेस और भाजपा दोनों खेमों में राजनीतिक हलचल बढ़ गई है।

राजनीतिक जानकारों की नजर अब इस बात पर है कि राकेश भाटी के कांग्रेस में आने के बाद पाली नगर निगम चुनाव में इसका कितना सीधा प्रभाव पड़ता है और क्या इससे स्थानीय स्तर पर नए राजनीतिक समीकरण आकार लेते हैं।