गर्भवती भैंस को चढ़ा दिया सीमन, मृत बच्चे का हुआ जन्म; पशु अस्पताल के कर्मचारियों पर लापरवाही का आरोप

आलापुर (अंबेडकरनगर)। जहांगीरगंज विकासखंड के कमालपुर पिकार स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय में इलाज के दौरान कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। आरोप है कि अस्पताल में तैनात कर्मचारी ने बिना उचित जांच किए चार-पांच माह की गर्भवती भैंस को सीमन चढ़ा दिया। इसके बाद भैंस की हालत बिगड़ गई और अगले दिन उसने मृत बच्चे को जन्म दिया। घटना से पशुपालक को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है।

मुबारकपुर पिकार गांव निवासी जय हिंद यादव के मुताबिक, वह बीते 29 अक्टूबर को अपनी भैंस का इलाज कराने कमालपुर पिकार स्थित राजकीय पशु चिकित्सालय पहुंचे थे। वहां पशु चिकित्सक श्रीनिवास यादव के सहायक गौतम ने भैंस का उपचार किया। इसी दौरान उन्होंने भैंस को सीमन चढ़ाने की आवश्यकता बताई। पशुपालक ने उनकी सलाह पर सहमति दे दी।

आरोप है कि भैंस के गर्भवती होने की स्थिति की समुचित जांच किए बिना ही उसे सीमन चढ़ा दिया गया। जबकि भैंस पहले से ही करीब चार से पांच माह की गर्भवती थी। घर पहुंचने के बाद भैंस की तबीयत बिगड़ने लगी। हालत गंभीर होने पर 30 अक्टूबर को उसने मृत बच्चे को जन्म दिया। इस घटना के बाद पशुपालक परिवार में मायूसी छा गई।

सरकारी अस्पताल में लापरवाही पर उठे सवाल

ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को बेहतर और निःशुल्क चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सरकार ने राजकीय पशु चिकित्सालयों की स्थापना की है। यहां प्रशिक्षित पशु चिकित्सकों और कर्मचारियों की तैनाती की जाती है, ताकि पशुओं का उचित उपचार हो सके। ऐसे में यदि बिना आवश्यक जांच के किसी गर्भवती पशु को सीमन चढ़ाने जैसी प्रक्रिया की जाती है तो यह गंभीर चिंता का विषय है।

पीड़ित जय हिंद यादव ने पशु चिकित्सक श्रीनिवास यादव और उनके सहायक गौतम के खिलाफ शिकायत कर निष्पक्ष जांच कराने तथा दोषी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि भैंस के गलत उपचार के चलते उन्हें लाखों रुपये के नुकसान का सामना करना पड़ा है।

अब सवाल यह है कि आखिर सरकारी पशु चिकित्सालय में पशुओं के उपचार से पहले जरूरी जांच और सावधानियों का पालन क्यों नहीं किया गया? क्या विभाग इस मामले की जांच कर जिम्मेदार कर्मचारियों की जवाबदेही तय करेगा? पीड़ित पशुपालक ने विभागीय अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है।