उत्तर मध्य रेलवे में डिजिटलीकरण को नई गति, 4 करोड़ से अधिक रिकॉर्ड डिजिटल

उत्तर मध्य रेलवे में डिजिटलीकरण को नई गति, 4 करोड़ से अधिक रिकॉर्ड डिजिटल

महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने जारी की डिजिटलीकरण पर आधारित डॉक्यूमेंट्री, स्वच्छता अभियान के तहत हटाया गया 200 मीट्रिक टन कागज

प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे में कार्यालयी कार्यप्रणाली को आधुनिक और पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटलीकरण अभियान को लगातार गति दी जा रही है। इसी क्रम में बुधवार को उत्तर मध्य रेलवे के महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने डिजिटलीकरण कार्यक्रम की उपलब्धियों और महत्व को दर्शाने वाली डॉक्यूमेंट्री जारी की। इस अवसर पर विभिन्न मंडलों के मंडल रेल प्रबंधक सहित वरिष्ठ रेल अधिकारी मौजूद रहे।

उत्तर मध्य रेलवे में अब तक 4 करोड़ से अधिक रिकॉर्ड डिजिटल किए जा चुके हैं। इस पहल का उद्देश्य कार्यालयों में कागजी दस्तावेजों पर निर्भरता कम करना, अभिलेखों को सुरक्षित रखना और आवश्यक जानकारी तक पहुंच को आसान बनाना है। रेलवे की इस पहल से डिजिटल कार्यसंस्कृति को बढ़ावा मिलने के साथ ही कार्यालयी कामकाज में तेजी और पारदर्शिता आने की उम्मीद है।

डिजिटलीकरण अभियान के साथ चलाए गए स्वच्छता अभियान के तहत लगभग 200 मीट्रिक टन कागज हटाया गया है। वहीं, पुराने रिकॉर्ड के निस्तारण से करीब 25,000 वर्गफीट कार्यालयी स्थान खाली कराया गया है। डिजिटल अभिलेखों को सुरक्षित रखने के लिए 58 टेराबाइट से अधिक भंडारण क्षमता भी विकसित की गई है।

डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होने से कर्मचारियों और अधिकारियों को जरूरी दस्तावेज खोजने में कम समय लगेगा। साथ ही, पुराने अभिलेखों के रखरखाव में होने वाली परेशानियां भी कम होंगी। इससे कार्यालयों में उपलब्ध स्थान का बेहतर उपयोग करने और कागज की खपत घटाने में मदद मिलेगी।

इस अवसर पर महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने डिजिटलीकरण के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को शेष अभिलेखों को भी चरणबद्ध तरीके से डिजिटल करने तथा कार्यालयी कार्यों में डिजिटल माध्यमों का अधिक से अधिक उपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पेपरलेस कार्यसंस्कृति को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया।

उत्तर मध्य रेलवे की यह पहल प्रशासनिक दक्षता बढ़ाने, संसाधनों के बेहतर उपयोग और पर्यावरण अनुकूल कार्यप्रणाली विकसित करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।