इलाज के दौरान 13 वर्षीय छात्रा की मौत,परिजनों का आरोप डॉक्टर और स्टाफ की लापरवाही,मामला दर्ज

रायबरेली।जनपद के ऊंचाहार से खबर सामने आई है,जिसने पूरे परिवार को झकझोर कर रख दिया।
जिस 13 साल की बेटी को उसके मां-बाप इलाज के लिए अस्पताल लेकर पहुंचे थे,उन्हें क्या पता था कि कुछ ही समय बाद उन्हें अपनी बेटी को खोना पड़ेगा।मामला ऊंचाहार कोतवाली क्षेत्र के साईं नगर में रेलवे क्रॉसिंग के पास स्थित चौहान हॉस्पिटल का है।पिपराहा गांव के रहने वाले राम भवन की 13 वर्षीय बेटी साक्षी यादव पिछले चार-पांच दिनों से बीमार थी।तबीयत बिगड़ी तो परिवार उसे गुरुवार को चौहान हॉस्पिटल लेकर पहुंचा।परिवार को उम्मीद थी कि इलाज के बाद उनकी बेटी स्वस्थ होकर वापस घर लौटेगी।लेकिन शुक्रवार की सुबह परिवार के लिए जिंदगी का सबसे दुखद पल लेकर आई।परिजनों के मुताबिक,इलाज के बाद भी साक्षी की हालत में सुधार नहीं हुआ।परिवार उसे दूसरे अस्पताल ले जाना चाहता था और रेफर करने की बात कही जा रही थी।इसी दौरान साक्षी बाथरूम चली गई।काफी देर तक जब वह वापस नहीं आई तो परिजनों ने आवाज लगाई।लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला।घबराए परिजनों ने दरवाजा खोलने के लिए स्टाफ से कहा तो काफी हीला हवाली के बाद दरवाजा तोड़ा गया तो साक्षी अंदर मृत अवस्था में पड़ी थी।यह देखते ही परिवार में चीख-पुकार मच गई।जिस अस्पताल में बेटी को जिंदगी बचाने की उम्मीद से लाया गया था,वहीं उसकी मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया।मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल की व्यवस्थाओं और इलाज में लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए।उनका आरोप है कि अस्पताल में महिला नर्स की समुचित व्यवस्था नहीं थी और गंभीर हालत में भर्ती बच्ची की निगरानी भी ठीक से नहीं की गई।घटना के बाद अस्पताल में हंगामा हुआ।सूचना पर ऊंचाहार पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाकर शांत कराया।मृतका की मां आरती देवी की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।फिलहाल साक्षी इस दुनिया में नहीं है।लेकिन उसकी मौत अपने पीछे कई सवाल छोड़ गई है।क्या इलाज के दौरान बच्ची की सही तरीके से निगरानी हुई थी?क्या उसे समय पर दूसरे अस्पताल के लिए रेफर किया गया था?और सबसे बड़ा सवाल?अगर बच्ची की हालत गंभीर थी,तो उसकी सुरक्षा और निगरानी की जिम्मेदारी किसकी थी?इन सवालों के जवाब पुलिस की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही सामने आएंगे।
फिलहाल एक मां-बाप ने अपनी 13 साल की बेटी को खो चुके हैं।जिस बेटी को बचाने के लिए परिवार अस्पताल पहुंचा था,आज उसी बेटी की मौत पर इंसाफ की उम्मीद लगाए बैठा है।वही मृतक छात्रा के मां की तहरीर पर अस्पताल संचालक और स्टाफ पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दिया है।