आईआईटी-बीएचयू के एनीबेसेंट लेक्चर थियेटर हॉल में हिंदी माह सितंबर-2026 का समापन बुधवार को संपन्न

वाराणसी।भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (काशी हिंदू विश्वविद्यालय) वाराणसी में हिंदी माह सितंबर-2026 का भव्य समापन समारोह बुधवार को एनीबेसेंट लेक्चर थियेटर हॉल में गरिमामय माहौल में संपन्न हुआ। समारोह के मुख्य अतिथि राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश जी रहे। अध्यक्षता संस्थान के निदेशक आचार्य अमित पात्रा ने की। इस अवसर पर कुलसचिव आईआईटी-बीएचयू, उप कुलसचिव अमित कुमार सिंह, राजभाषा प्रकोष्ठ के प्रभारी शशांक पाठक सहित संस्थान के वरिष्ठ अधिकारी, प्रोफेसर, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन और बीएचयू कुलगीत के साथ हुआ। मंच संचालन उप कुलसचिव अमित कुमार सिंह ने किया। उन्होंने सभी अतिथियों का स्वागत करते हुए हिंदी माह के दौरान आयोजित कार्यक्रमों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राजभाषा प्रकोष्ठ द्वारा पूरे सितंबर माह में विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया।राजभाषा प्रकोष्ठ के प्रभारी शशांक पाठक ने अपने स्वागत संबोधन में कहा कि 1 सितंबर से 30 सितंबर 2026 तक हिंदी माह के अंतर्गत निबंध लेखन प्रतियोगिता, हिंदी टिप्पण एवं प्रारूपण कार्यशाला, काव्य पाठ, वाद-विवाद प्रतियोगिता, सुलेख लेखन और राजभाषा प्रश्नोत्तरी का आयोजन किया गया। इन प्रतियोगिताओं में संस्थान के छात्रों के साथ-साथ अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। उन्होंने कहा कि संस्थान में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को बढ़ावा देने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं और प्रशासनिक कार्यों में हिंदी का उपयोग पिछले वर्ष की तुलना में बढ़ा है।मुख्य अतिथि राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश जी ने अपने उद्बोधन में कहा कि हिंदी केवल एक भाषा नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, संस्कार और एकता की पहचान है। उन्होंने कहा कि तकनीक और विज्ञान को अगर आम आदमी तक पहुंचाना है तो उसे हिंदी में प्रस्तुत करना होगा। आईआईटी-बीएचयू जैसे प्रतिष्ठित तकनीकी संस्थान में हिंदी माह का आयोजन होना इस बात का प्रमाण है कि तकनीक और भाषा एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने छात्र-छात्राओं से आह्वान किया कि वे अपनी मातृभाषा पर गर्व करें और तकनीकी ज्ञान को हिंदी में जन-जन तक पहुंचाएं।निदेशक आचार्य अमित पात्रा ने अपने अध्यक्षीय संबोधन में कहा कि आईआईटी-बीएचयू राजभाषा नीति के कार्यान्वयन के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। संस्थान का प्रयास है कि कार्यालयीन कार्यों के साथ-साथ शैक्षणिक और शोध कार्यों में भी हिंदी का अधिकतम उपयोग हो। उन्होंने हिंदी माह के सफल आयोजन के लिए राजभाषा प्रकोष्ठ और उप कुलसचिव अमित कुमार सिंह की पूरी टीम को बधाई दी।इस अवसर पर कुलसचिव आईआईटी-बीएचयू ने भी अपने विचार व्यक्त किए और कहा कि हिंदी हमारी राजभाषा ही नहीं, बल्कि संपर्क भाषा भी है। हमें अपने दैनिक जीवन में इसका अधिक से अधिक प्रयोग करना चाहिए।समारोह के अंत में हिंदी माह के दौरान आयोजित विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता छात्र-छात्राओं और कर्मचारियों को मुख्य अतिथि हरिवंश जी और निदेशक आचार्य अमित पात्रा द्वारा पुरस्कार, नकद राशि और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। उप कुलसचिव अमित कुमार सिंह ने सभी अतिथियों, कर्मचारियों और छात्रों का आभार व्यक्त किया। एनीबेसेंट लेक्चर थियेटर हॉल में आयोजित यह समारोह राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुआ।