तलवापारा पंचायत में लाखों के नाली मरम्मत कार्य पर सवाल, भ्रष्टाचार के आरोप; जांच की मांग स्ट्रीट लाइट के नाम पर खर्च राशि भी जांच के दायरे में, पूर्व में आरटीआई से सामने आई थीं अनियमितताओं की श

बैकुंठपुर। जनपद पंचायत अंतर्गत ग्राम पंचायत तलवापारा में नाली मरम्मत कार्य को लेकर अनियमितता के आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि मरम्मत कार्य में घटिया निर्माण सामग्री का उपयोग किया गया और शासन की राशि का उचित तरीके से उपयोग नहीं हुआ। मामले को लेकर निर्माण कार्य की गुणवत्ता और खर्च की गई राशि की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठ रही है स्थानीय स्तर पर नाली मरम्मत कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। ऐसे में संबंधित विभाग के अधिकारियों द्वारा कार्यस्थल का निरीक्षण कर निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री, कार्य की वास्तविक स्थिति, स्वीकृत राशि और भुगतान संबंधी अभिलेखों की जांच किए जाने की जरूरत है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि निर्माण कार्य में निर्धारित मापदंडों का पालन किया गया या नहीं।

स्ट्रीट लाइट के खर्च पर भी उठ चुके हैं सवाल

तलवापारा पंचायत में इससे पहले स्ट्रीट लाइट लगाने के नाम पर लाखों रुपये खर्च किए जाने को लेकर भी सवाल उठने की बात सामने आई थी। सूचना का अधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त जानकारी के आधार पर स्ट्रीट लाइट कार्य में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की जा रही है। आरोप है कि कागजों में दर्शाए गए कार्य और मौके पर उपलब्ध सुविधाओं के बीच अंतर हो सकता है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि संबंधित अभिलेखों और भौतिक सत्यापन से ही हो सकेगी।

सरपंच-सचिव और अधिकारियों की भूमिका की जांच की मांग

नाली मरम्मत और स्ट्रीट लाइट से जुड़े मामलों को लेकर पंचायत के जिम्मेदार पदाधिकारियों तथा संबंधित विभागीय अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। मांग की जा रही है कि दोनों कार्यों की अलग-अलग निष्पक्ष जांच कराई जाए। इसके तहत स्वीकृति आदेश, तकनीकी प्राक्कलन, माप पुस्तिका, बिल-वाउचर, भुगतान विवरण और मौके पर हुए वास्तविक कार्य का मिलान किया जाए।

जांच होगी या सिर्फ कागजों तक सीमित रहेगी कार्रवाई?

अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इन आरोपों को कितनी गंभीरता से लेता है। क्या जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और खर्च की गई राशि का सत्यापन करेंगे, या मामला केवल कागजी कार्रवाई तक सीमित रह जाएगा? फिलहाल, पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और तथ्यों के आधार पर जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग उठ रही है।