मेड़ता रोड–बीकानेर रेलखंड पर 142 किलोमीटर रेलपथ नवीनीकरण का कार्य, 65 किलोमीटर पूरा

मेड़ता रोड?बीकानेर रेलखंड पर 142 किलोमीटर रेलपथ नवीनीकरण का कार्य, 65 किलोमीटर पूरा

पीक्यूआरएस आधुनिक तकनीक से हो रहा काम, रेल संरक्षा और परिचालन की विश्वसनीयता बढ़ाने पर जोर

जोधपुर। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल में रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाने के लिए मेड़ता रोड?बीकानेर रेलखंड पर रेलपथ नवीनीकरण का कार्य तेजी से किया जा रहा है। इस रेलखंड पर कुल 142 रूट किलोमीटर रेलपथ का नवीनीकरण किया जाना है, जिसमें से अब तक 65 किलोमीटर का कार्य पूरा हो चुका है। शेष 77 रूट किलोमीटर रेलपथ का नवीनीकरण कार्य प्रगति पर है।

मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि रेलपथ की गुणवत्ता, मजबूती और संरक्षा को बेहतर बनाने के उद्देश्य से आधुनिक पीक्यूआरएस तकनीक का उपयोग किया जा रहा है। इस कार्य के तहत 75 रूट किलोमीटर रेलपथ नवीनीकरण तथा 41 रूट किलोमीटर रेलपथ नवीनीकरण के लिए कार्यादेश जारी किए गए हैं।

उन्होंने बताया कि पीक्यूआरएस यानी पैनलाइज्ड ट्रैक रिलेइंग सिस्टम रेलपथ नवीनीकरण की आधुनिक तकनीक है। इसमें विशेष मशीनों की सहायता से पुराने रेलपथ को हटाकर पहले से तैयार रेल और स्लीपर के पैनल बिछाए जाते हैं। इस तकनीक से रेलपथ बदलने का कार्य व्यवस्थित और कम समय में पूरा करने में मदद मिलती है।

रेलवे के अनुसार, इस तकनीक के इस्तेमाल से रेलपथ की गुणवत्ता और स्थायित्व में सुधार होता है। इससे ट्रैक की मजबूती बढ़ाने के साथ रेल परिचालन की सुरक्षा और विश्वसनीयता को भी बेहतर बनाया जा सकता है।

मेड़ता रोड?बीकानेर रेलखंड पर नवीनीकरण का कार्य अलग-अलग खंडों में चरणबद्ध तरीके से किया जा रहा है। नागौर खंड में निर्धारित कार्य पूरा कर लिया गया है, जबकि नोखा खंड में काम जारी है। शेष कार्य को निर्धारित समयावधि में पूरा करने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।

रेलपथ नवीनीकरण पूरा होने के बाद ट्रैक की गुणवत्ता और मजबूती में सुधार होगा। इससे ट्रेनों का सुरक्षित संचालन सुनिश्चित करने तथा यात्रियों को अधिक सुरक्षित और सुगम रेल यात्रा उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी।