आजादी के बाद पहली बार रावघाट पहुंची रेल, छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी को मिली नई गति

आजादी के बाद पहली बार रावघाट पहुंची रेल, छत्तीसगढ़ में रेल कनेक्टिविटी को मिली नई गति

ताड़ोकी रावघाट और अभनपुर कुरूद रेल लाइन का उद्घाटन, रायपुर से नई यात्री रेल सेवाएं शुरू

रायपुर में 300 इलेक्ट्रिक रेल इंजनों के रखरखाव की सुविधा का शिलान्यास, रावघाट से रायपुर का किराया 55 रुपये

बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के रेल विकास में 20 अक्टूबर का दिन ऐतिहासिक उपलब्धि के रूप में दर्ज हुआ। आजादी के बाद पहली बार रेल रावघाट पहुंची। इस अवसर पर ताड़ोकी?रावघाट और अभनपुर?कुरूद ब्रॉडगेज रेल लाइन का उद्घाटन किया गया। साथ ही रावघाट?रायपुर और रायपुर?कुरूद नई यात्री रेल सेवाओं को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया। रायपुर में इलेक्ट्रिक रेल इंजन रखरखाव सुविधा का शिलान्यास भी किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय उपस्थित रहे, जबकि केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े।

इन परियोजनाओं से छत्तीसगढ़ के दूरस्थ क्षेत्रों को रेल नेटवर्क से जोड़ने, यात्रियों को सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध कराने और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। खास तौर पर रावघाट तक रेल पहुंचने से दक्षिण छत्तीसगढ़ के लोगों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और व्यापार के लिए आवागमन में सहूलियत मिलने की उम्मीद है।

1,628 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुई 95 किलोमीटर लंबी रेल लाइन

दल्लीराझरा से रावघाट के बीच 1,628 करोड़ रुपये की लागत से 95 किलोमीटर लंबी नई रेल लाइन का निर्माण पूरा किया गया है। परियोजना के अंतिम चरण में ताड़ोकी से रावघाट के बीच 17.5 किलोमीटर रेल लाइन का काम पूरा होने के साथ रावघाट तक रेल संपर्क स्थापित हो गया।

इस रेल लाइन से क्षेत्र के लोगों को रेल परिवहन का विकल्प मिलेगा। इससे दूरस्थ इलाकों के यात्रियों को राजधानी रायपुर सहित अन्य क्षेत्रों तक पहुंचने में सुविधा होगी। विद्यार्थियों को पढ़ाई, युवाओं को रोजगार और आम नागरिकों को चिकित्सा सेवाओं तक पहुंचने में मदद मिलेगी।

रावघाट क्षेत्र लौह अयस्क के लिए भी महत्वपूर्ण है। यहां से रेल संपर्क स्थापित होने पर लौह अयस्क के परिवहन को गति मिलने की संभावना है। इससे भिलाई इस्पात संयंत्र सहित लौह एवं इस्पात उद्योग की जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। बेहतर रेल परिवहन से माल ढुलाई को अधिक सुगम बनाने के साथ क्षेत्र में व्यापार, रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के नए अवसर विकसित हो सकते हैं।

अभनपुर?कुरूद रेल लाइन से यात्रियों को मिलेगी राहत

अभनपुर?कुरूद के बीच 22 किलोमीटर रेल लाइन का आमान परिवर्तन पूरा होने के बाद इस खंड का उद्घाटन किया गया। यह कार्य केंद्री?धमतरी और अभनपुर?राजिम रेल आमान परिवर्तन परियोजनाओं से जुड़ा है। अभनपुर से राजिम के बीच काम पूरा होने के बाद यात्री सेवाएं पहले ही शुरू की जा चुकी हैं, जबकि कुरूद से धमतरी के बीच शेष कार्य प्रगति पर है।

अभनपुर?कुरूद ब्रॉडगेज लाइन शुरू होने से क्षेत्र के लोगों को राजधानी रायपुर तक आवागमन के लिए बेहतर रेल सुविधा मिलेगी। इससे दैनिक यात्रियों, विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों, किसानों और व्यापारियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। रेल संपर्क बढ़ने से क्षेत्रीय व्यापार और सामाजिक-आर्थिक गतिविधियों को भी प्रोत्साहन मिलेगा।

रावघाट?रायपुर और रायपुर?कुरूद के बीच शुरू हुईं नई यात्री रेल सेवाएं

नई यात्री रेल सेवाओं की शुरुआत से रावघाट और आसपास के क्षेत्रों के लोगों को रायपुर तक रेल यात्रा का विकल्प मिला है। इससे विद्यार्थियों, नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं, नौकरीपेशा लोगों और रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों को सहूलियत मिलेगी।

राजधानी तक रेल संपर्क मजबूत होने से लोगों के लिए शिक्षा, इलाज, रोजगार और व्यापार से जुड़े कामों के लिए आना-जाना आसान होगा। ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों और व्यापारियों को भी अपने उत्पाद बड़े बाजारों तक पहुंचाने के लिए परिवहन का एक अतिरिक्त विकल्प मिलेगा।

सबसे खास बात यह है कि रावघाट से रायपुर तक यात्रा का किराया मात्र 55 रुपये निर्धारित बताया गया है। कम किराये में रेल यात्रा की सुविधा मिलने से आम यात्रियों को राहत मिलने की उम्मीद है।

रायपुर में 300 इलेक्ट्रिक रेल इंजनों के रखरखाव की सुविधा बनेगी

रेलवे ने रायपुर में इलेक्ट्रिक रेल इंजन रखरखाव सुविधा विकसित करने की दिशा में भी कदम बढ़ाया है। इसके लिए शिलान्यास किया गया। प्रस्तावित सुविधा में भविष्य में 300 हाई हॉर्सपावर इलेक्ट्रिक रेल इंजनों के रखरखाव की क्षमता विकसित की जाएगी।

इस सुविधा के तैयार होने से इलेक्ट्रिक रेल इंजनों की देखरेख और रखरखाव संबंधी जरूरतों को पूरा करने में मदद मिलेगी। इससे रेल परिचालन को अधिक सुचारु बनाने, इंजनों की उपलब्धता बढ़ाने और माल परिवहन की बढ़ती जरूरतों को पूरा करने में सहयोग मिलने की उम्मीद है।

मुख्यमंत्री ने जताया आभार, रेल मंत्री ने गिनाईं परियोजनाएं

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नई रेल परियोजनाओं और यात्री सेवाओं के शुभारंभ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के प्रति छत्तीसगढ़ की जनता की ओर से आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के सहयोग से राज्य में रेल सहित विभिन्न क्षेत्रों में विकास कार्यों को गति मिल रही है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, चालू वर्ष में छत्तीसगढ़ को रेल बजट के अंतर्गत 7,000 करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिली है। उन्होंने उम्मीद जताई कि नई रेल परियोजनाओं से दूरस्थ क्षेत्रों की कनेक्टिविटी बेहतर होगी और औद्योगिक, व्यापारिक तथा सामाजिक-आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।

केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने भी छत्तीसगढ़ की जनता को नई रेल सुविधाओं की बधाई दी। उन्होंने दल्लीराझरा?रावघाट रेल लाइन, केंद्री?अभनपुर?राजिम?धमतरी आमान परिवर्तन और विभिन्न मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि खरसिया?परमालकसा दोहरी रेल लाइन परियोजना पर काम जारी है और पेंड्रारोड?बिलासपुर?उसलापुर तीसरी रेल लाइन को भी मंत्रिमंडल की मंजूरी मिली है।

कई जनप्रतिनिधि रहे मौजूद

रायपुर स्टेशन पर आयोजित कार्यक्रम में सांसद लक्ष्मी वर्मा, बृजमोहन अग्रवाल और रूपकुमारी चौधरी सहित विधायक राजेश मूणत, पुरन्दर मिश्रा और मोती लाल साहू उपस्थित रहे। वहीं, रावघाट स्टेशन पर सांसद भोजराज नाग, विधायक विक्रम उसेंडी और अन्य गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।

रावघाट तक रेल पहुंचना छत्तीसगढ़ के रेल नेटवर्क के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि है। नई रेल लाइनें, यात्री सेवाएं और रायपुर में प्रस्तावित रखरखाव सुविधा राज्य में यात्री परिवहन तथा माल ढुलाई को मजबूत करने में भूमिका निभाएंगी। इससे दूरस्थ क्षेत्रों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलने के साथ औद्योगिक विकास, व्यापार और रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।