मां वैष्णो देवी के दरबार में उमड़ा आस्था का महासैलाब, नवरात्रों में 4 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

मां वैष्णो देवी के दरबार में उमड़ा आस्था का महासैलाब, नवरात्रों में 4 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने किए दर्शन

शतचंडी महायज्ञ की पूर्णाहुति के साथ संपन्न हुए शारदीय नवरात्र, भव्य सजावट, दिव्य भजनों और श्रद्धालुओं की भारी भीड़ से भक्तिमय हुआ मां का दरबार

कटड़ा। मां वैष्णो देवी के पवित्र दरबार में शारदीय नवरात्रों के दौरान आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिला। देशभर से पहुंचे 4 लाख से अधिक श्रद्धालुओं ने मां के चरणों में शीश नवाकर सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। प्रतिदिन औसतन 40,000 से अधिक श्रद्धालुओं ने भवन पहुंचकर मां के दर्शन किए। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जो मां वैष्णो देवी के प्रति भक्तों की अटूट आस्था और बढ़ते विश्वास को दर्शाती है।

शारदीय नवरात्रों के पावन अवसर पर श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की ओर से आयोजित 9 दिवसीय शतचंडी महायज्ञ का महानवमी के दिन विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच समापन हुआ। पूर्णाहुति के दौरान विश्व शांति, सुख-समृद्धि और समस्त मानवता के कल्याण की कामना की गई। पूरे धार्मिक आयोजन के दौरान वातावरण भक्तिमय बना रहा और श्रद्धालुओं ने आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव किया।

शतचंडी महायज्ञ की पूर्णाहुति, वैदिक मंत्रों से गूंजा मां का दरबार

श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सचिन कुमार वैश्य सहित बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों, कर्मचारियों और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने समापन अनुष्ठान में भाग लिया। महायज्ञ का संचालन पद्मश्री प्रोफेसर विश्वमूर्ति शास्त्री के नेतृत्व में विद्वान पंडितों के समूह ने किया। वैदिक मंत्रों और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच संपन्न हुई पूर्णाहुति ने नवरात्रों के समापन को विशेष आध्यात्मिक महत्व प्रदान किया।

श्राइन बोर्ड की ओर से आयोजित यह महायज्ञ धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के साथ-साथ विश्व कल्याण और जनमानस की सुख-समृद्धि के संकल्प का प्रतीक बना।

पिछले साल के मुकाबले दोगुने से भी अधिक श्रद्धालु पहुंचे

इस बार शारदीय नवरात्रों में मां वैष्णो देवी के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। श्राइन बोर्ड के अनुसार, नवरात्रों के दौरान श्रद्धालुओं की कुल संख्या 4 लाख के पार पहुंच गई। पिछले वर्ष इसी अवधि में लगभग 1.78 लाख श्रद्धालुओं ने मां के दरबार में हाजिरी लगाई थी।

इस प्रकार इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या में 2.22 लाख से अधिक की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह आंकड़ा पिछले वर्ष की तुलना में दोगुने से भी अधिक है। देश के अलग-अलग हिस्सों से पहुंचे भक्तों की भारी मौजूदगी ने कटड़ा से लेकर भवन तक धार्मिक उत्सव की रौनक बढ़ा दी।

श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए श्राइन बोर्ड के व्यापक इंतजाम

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड ने यात्रा को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक बनाने के लिए व्यापक व्यवस्थाएं कीं। यात्रा मार्ग के प्रमुख स्थानों पर सहायता केंद्र स्थापित किए गए, जहां श्रद्धालुओं को आवश्यक जानकारी और सहयोग उपलब्ध कराया गया।

यात्रा मार्ग और भवन पर पानी तथा बिजली की निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए विशेष इंतजाम किए गए। स्वच्छता, साफ-सफाई और स्वास्थ्यकर वातावरण बनाए रखने पर भी विशेष ध्यान दिया गया। नवरात्रों में व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए श्राइन बोर्ड की भोजनशालाओं और लंगरों में विशेष फलाहारी भोजन की व्यवस्था की गई, जिससे भक्तों को यात्रा के दौरान सुविधाजनक भोजन उपलब्ध हो सके।

इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य श्रद्धालुओं को बिना अनावश्यक परेशानी के मां के दर्शन का अवसर प्रदान करना और उनकी धार्मिक यात्रा को सुखद बनाना रहा।

भवन में नवनिर्मित वैष्णवी भवन बना श्रद्धालुओं के लिए बड़ी सौगात

इस वर्ष मां वैष्णो देवी यात्रा की सुविधाओं में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि भवन में नवनिर्मित वैष्णवी भवन के रूप में सामने आई। मई 2026 में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल एवं श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अध्यक्ष मनोज सिन्हा ने इस सुविधा का उद्घाटन किया था।

नवनिर्मित वैष्णवी भवन से भवन क्षेत्र में श्रद्धालुओं के ठहरने की क्षमता बढ़ी है। साथ ही भक्तों को आधुनिक, आरामदायक और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या को देखते हुए यह सुविधा यात्रा प्रबंधन और तीर्थयात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभा रही है।

फूलों की सजावट और भजनों ने बढ़ाई दरबार की दिव्यता

शारदीय नवरात्रों के दौरान मां के दरबार, अटका और आसपास के क्षेत्रों को आकर्षक फूलों की सजावट तथा विशेष धार्मिक विषयों पर आधारित कलात्मक स्थापनाओं से सजाया गया। रंग-बिरंगी सजावट और भक्तिमय वातावरण ने पूरे परिसर की आध्यात्मिक छटा को और निखार दिया।

वहीं भवन में आयोजित भजन संध्या ने श्रद्धालुओं को भक्ति के रंग में सराबोर कर दिया। नवदीप वडाली, सुधीर व्यास, मन्नत नूर, सिप्पी और राज आशू, दिलबाग सिंह, मिलिंद गाबा, नितिन, मिलन सिंह, मालिनी अवस्थी, ज्ञान पंकज, कन्हैया मित्तल, मास्टर नूर, शाश्वत सचदेव, अरुणिता कांजीलाल, ज्योतिका टांगरी और अजय याग्निक सहित कई प्रसिद्ध कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों से भक्तों को मंत्रमुग्ध किया।

श्री माता वैष्णो देवी गुरुकुल के विद्यार्थियों ने भी मधुर भक्ति प्रस्तुतियां देकर कार्यक्रम में चार चांद लगाए। पारंपरिक आध्यात्मिक संगीत और युवा प्रतिभाओं की प्रस्तुतियों ने श्रद्धालुओं के अनुभव को यादगार बना दिया।

आस्था, सेवा और बेहतर सुविधाओं का बना यादगार संगम

शारदीय नवरात्रों का सफल आयोजन श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड की धार्मिक परंपराओं के संरक्षण और श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। शतचंडी महायज्ञ की पूर्णाहुति, 4 लाख से अधिक श्रद्धालुओं की उपस्थिति, भव्य सजावट, भजन संध्या और बेहतर यात्रा सुविधाओं ने इस बार के नवरात्रों को विशेष बना दिया।

मां वैष्णो देवी के दरबार में उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ ने एक बार फिर साबित किया कि भक्तों की आस्था अटूट है। श्राइन बोर्ड की व्यवस्थाओं और आध्यात्मिक आयोजनों ने श्रद्धालुओं को भक्ति, सेवा और दिव्यता से परिपूर्ण अनुभव प्रदान किया।