चलती ट्रेन में चोरी के प्रयास का आरोपी 16 साल बाद जीआरपी के हत्थे चढ़ा

कासगंज। चलती यात्री ट्रेन में एक सैनिक की अटैची चोरी करने के प्रयास के मामले में 16 साल से फरार चल रहे एटा निवासी सारिक पुत्र मुन्ने खां को जीआरपी कासगंज ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी लंबे समय से अदालत में पेश नहीं हो रहा था। उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी होने के साथ ही कुर्की की कार्रवाई भी की जा चुकी थी।

जीआरपी के अनुसार, सारिक के खिलाफ वर्ष 2010 में थाना जीआरपी कासगंज में मुकदमा संख्या 119/10 धारा 379/511 आईपीसी के तहत दर्ज किया गया था। आरोप था कि उसने चलती यात्री ट्रेन में एक सैनिक की अटैची चोरी करने का प्रयास किया था। मुकदमे की कार्रवाई के दौरान वह अदालत में पेश नहीं हुआ और लगातार फरार रहा। अदालत से स्थायी वारंट जारी होने के बाद भी उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी की तलाश में कई कठिनाइयां आईं। पुलिस के पास उसका फोटो, मोबाइल नंबर या पहचान से जुड़ी जानकारी उपलब्ध नहीं थी। वह अपने ठिकाने बदलता रहता था और मोबाइल फोन का इस्तेमाल भी नहीं करता था। इसी कारण उसे तलाश करने में परेशानी हुई। उसके खिलाफ कुर्की की कार्रवाई भी की गई, लेकिन वह गिरफ्त में नहीं आया।

जीआरपी ने 17 अक्टूबर की सुबह करीब छह बजे सारिक को एटा से गिरफ्तार किया। वह एटा के मोहल्ला पटियाली गेट की धोबियान गली का निवासी है और उसकी उम्र करीब 41 वर्ष है। उसके खिलाफ एटा में भी आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें वर्ष 2010 का हत्या के प्रयास से संबंधित मुकदमा संख्या 814/10 धारा 307 आईपीसी तथा मुकदमा संख्या 835/10 आर्म्स एक्ट की धारा 25/27 का मामला शामिल है।

गिरफ्तारी करने वाली टीम में जीआरपी थाना प्रभारी कोमल कुंतल, मुख्य आरक्षी विनोद कुमार और आरक्षी आकाश फौजदार शामिल रहे।