रेलवे में खाने की गुणवत्ता पर होगी सख्त निगरानी, आईआरसीटीसी ने भारतीय गुणवत्ता परिषद से मिलाया हाथ

रेलवे में खाने की गुणवत्ता पर होगी सख्त निगरानी, आईआरसीटीसी ने भारतीय गुणवत्ता परिषद से मिलाया हाथ

ट्रेनों और स्टेशनों पर खाद्य सुरक्षा व स्वच्छता की होगी स्वतंत्र जांच, 24 घंटे में तैयार होगी डिजिटल ऑडिट रिपोर्ट

भारतीय रेलवे में यात्रियों को सुरक्षित, स्वच्छ और गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के लिए भारतीय रेलवे खानपान एवं पर्यटन निगम (आईआरसीटीसी) ने भारतीय गुणवत्ता परिषद (क्यूसीआई) के साथ रणनीतिक समझौता किया है। इस साझेदारी के तहत ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर संचालित खानपान इकाइयों की खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता की स्वतंत्र जांच की जाएगी। इसका उद्देश्य भोजन की गुणवत्ता में सुधार करना और खानपान सेवाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना है।

समझौते के तहत भारतीय गुणवत्ता परिषद के प्रमाणित पेशेवर ट्रेनों में भोजन उपलब्ध कराने वाली मोबाइल खानपान इकाइयों और स्टेशनों पर संचालित स्थायी खानपान इकाइयों का औचक निरीक्षण करेंगे। इसके लिए त्रैमासिक और अर्धवार्षिक निरीक्षण चक्र अपनाया जाएगा। जांच के दौरान भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण के नियमों और निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुपालन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

डिजिटल तकनीक से होगी निगरानी

खानपान इकाइयों के निरीक्षण को पारदर्शी बनाने के लिए डिजिटल तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा। निरीक्षक मोबाइल एप के माध्यम से जांच करेंगे, जिसमें स्थान की पहचान, समय का विवरण और तस्वीरों के जरिए साक्ष्य दर्ज किए जाएंगे। ऑडिट रिपोर्ट 24 घंटे के भीतर प्रस्तुत करने की व्यवस्था होगी। इससे खामियों की समय पर पहचान कर संबंधित खानपान संचालकों के खिलाफ सुधारात्मक और निवारक कार्रवाई की निगरानी की जा सकेगी।

भोजन की तैयारी से भंडारण तक होगी जांच

निरीक्षण के दौरान भोजन तैयार करने की जगह की स्वच्छता, कर्मचारियों की चिकित्सकीय उपयुक्तता, सुरक्षात्मक उपकरणों के इस्तेमाल और साफ-सफाई के नियमों की जांच की जाएगी। इसके साथ ही कच्चे खाद्य पदार्थों के भंडारण, शाकाहारी और मांसाहारी सामग्री को अलग रखने, तापमान नियंत्रित रखने तथा कीट नियंत्रण की व्यवस्था पर भी निगरानी होगी।

इस पहल से रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में खानपान सेवाओं के लिए एक समान गुणवत्ता मानक लागू करने में मदद मिलेगी। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं की जवाबदेही तय करने और आवश्यक कार्रवाई में तेजी लाने का प्रयास किया जाएगा।

अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ समझौता

समझौता ज्ञापन पर आईआरसीटीसी के महाप्रबंधक (गुणवत्ता एवं परियोजनाएं) सुधीर वारियर और भारतीय गुणवत्ता परिषद के प्रधान सलाहकार एवं प्रमुख-पीपीआईडी सुब्रतो घोष ने हस्ताक्षर किए। इस दौरान आईआरसीटीसी के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक राहुल हिमालयन, निदेशक (खानपान सेवाएं) मनोज कुमार शर्मा, एनएबीएल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रामानन्द नागेंद्र शुक्ला तथा भारतीय गुणवत्ता परिषद के सहायक महासचिव मोहित पाढ़ी मौजूद रहे।

इस साझेदारी के तहत भविष्य में यात्री संतुष्टि सर्वेक्षण, बुनियादी ढांचे की जांच और खानपान कर्मचारियों के विशेष प्रशिक्षण जैसे कार्यक्रम भी संचालित किए जा सकेंगे। रेलवे में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता की निगरानी को मजबूत करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।