भोजीपुरा जंक्शन के 142 वर्ष पूरे, स्टेशन महोत्सव में दिखाई गई गौरवशाली रेल विरासत

भोजीपुरा जंक्शन के 142 वर्ष पूरे

भोजीपुरा जंक्शन के 142 वर्ष पूरे, स्टेशन महोत्सव में दिखाई गई गौरवशाली रेल विरासत

हेरिटेज फोटो प्रदर्शनी का उद्घाटन ब्लॉक प्रमुख योगेश कुमार पटेल ने किया, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और नुक्कड़ नाटक ने बांधा समां

बरेली। पूर्वोत्तर रेलवे के इज्जतनगर मंडल के भोजीपुरा जंक्शन रेलवे स्टेशन के गौरवशाली 142 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में शनिवार को स्टेशन के मुख्य परिसर में स्टेशन महोत्सव का आयोजन किया गया। इस दौरान हेरिटेज फोटो प्रदर्शनी के माध्यम से स्टेशन की ऐतिहासिक विरासत, विकास यात्रा और भारतीय रेलवे की उपलब्धियों को प्रदर्शित किया गया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, देशभक्ति गीतों और नुक्कड़ नाटक के माध्यम से रेलवे के इतिहास और विकास को जनमानस तक पहुंचाया गया।

हेरिटेज फोटो प्रदर्शनी का उद्घाटन भोजीपुरा के ब्लॉक प्रमुख योगेश कुमार पटेल ने ग्राम प्रधान वीरेंद्र सिंह शाही और मंडल रेल उपयोगकर्ता परामर्शदात्री समिति के सदस्य ओमप्रकाश नाथ तिवारी के साथ फीता काटकर किया। कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगीत ?वंदे मातरम? के सामूहिक गायन से हुई। इसके बाद अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और भोजीपुरा जंक्शन के ऐतिहासिक सफर से जुड़ी तस्वीरों के माध्यम से इसकी गौरवशाली विरासत को जाना। अतिथियों ने केक काटकर स्टेशन महोत्सव की खुशियां भी साझा कीं। मंडल के जनसंपर्क अधिकारी सफदर हुसैन ने अतिथियों का स्वागत किया।

नुक्कड़ नाटक और देशभक्ति प्रस्तुतियों ने बढ़ाया उत्साह

महोत्सव में पूर्वोत्तर रेलवे स्काउट एवं गाइड जिला संघ, इज्जतनगर के सदस्यों ने यात्री जागरूकता और रेलवे के विकास पर आधारित नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। इसके साथ ही नृत्य और देशभक्ति गीतों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उत्साह और देशभक्ति का वातावरण बनाया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान ?जन-गण-मन? के सामूहिक गायन के साथ हुआ।

ब्लॉक प्रमुख योगेश कुमार पटेल ने कहा कि स्टेशन महोत्सव के माध्यम से रेलवे ने भोजीपुरा जंक्शन की समृद्ध ऐतिहासिक विरासत और विकास यात्रा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का सराहनीय प्रयास किया है। उन्होंने कहा कि यह आयोजन स्टेशन के गौरवशाली अतीत को जीवंत करने के साथ भारतीय रेलवे के आधुनिकीकरण, विकास और भविष्य की संभावनाओं को भी दर्शाता है। ग्राम प्रधान वीरेंद्र सिंह शाही और समिति सदस्य ओमप्रकाश नाथ तिवारी ने भी अपने विचार व्यक्त किए।

1884 में शुरू हुआ था रेल संपर्क का सफर

जनसंपर्क अधिकारी सफदर हुसैन ने भोजीपुरा जंक्शन के ऐतिहासिक महत्व की जानकारी देते हुए बताया कि इस क्षेत्र में रेल संपर्क का विकास वर्ष 1880 के दशक में शुरू हुआ था। रोहिलखंड एवं कुमाऊं रेलवे ने भोजीपुरा को बरेली, काठगोदाम और आसपास के क्षेत्रों से जोड़ने के लिए मीटर गेज रेल लाइनों का निर्माण किया था। एक अक्टूबर 1884 को भोजीपुरा?बरेली के बीच लगभग 12 मील लंबी रेल लाइन सार्वजनिक यातायात के लिए खोली गई। इसके बाद 15 नवंबर 1884 को पीलीभीत?भोजीपुरा के बीच लगभग 24 मील लंबे रेल मार्ग पर भी यातायात शुरू हुआ।

इन रेल संपर्कों ने क्षेत्र में आवागमन आसान बनाने के साथ व्यापार, आर्थिक गतिविधियों और सामाजिक संपर्क को बढ़ावा दिया। समय के साथ भोजीपुरा एक महत्वपूर्ण रेल जंक्शन के रूप में विकसित हुआ और तराई क्षेत्र सहित नेपाल सीमा से सटे इलाकों के लिए रेल संपर्क का प्रमुख केंद्र बना।

ब्रॉड गेज और विद्युतीकरण से आधुनिक बना रेलखंड

रेलवे के अनुसार, वर्ष 2016 में पीलीभीत?भोजीपुरा?बरेली रेलखंड पर बड़ी लाइन की रेल सेवाएं दोबारा शुरू हुईं। इसके बाद वर्ष 2021 में विद्युतीकरण का कार्य पूरा होने पर इस रेलखंड पर विद्युत इंजनों से ट्रेनों का संचालन शुरू हुआ। इससे भोजीपुरा जंक्शन आधुनिक विद्युतीकृत रेल नेटवर्क से जुड़ गया।

कार्यक्रम में सहायक मंडल वाणिज्य प्रबंधक पी.एस. रावत, मुख्य वाणिज्य निरीक्षक एवं स्काउट-गाइड जिला सचिव हरिशंकर सागर सहित अन्य रेल अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में यात्री उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन और धन्यवाद ज्ञापन दिविता अग्निहोत्री ने किया।