अजमेर–चंदेरिया रेल मार्ग पर बढ़ी रफ्तार, दोहरीकृत ट्रैक पर दौड़ी पहली ट्रेन

अजमेर?चंदेरिया रेल मार्ग पर बढ़ी रफ्तार, दोहरीकृत ट्रैक पर दौड़ी पहली ट्रेन

झड़वासा?सिंघावल के बीच 19.571 किलोमीटर रेल खंड को मिली संरक्षा स्वीकृति, समयबद्धता में होगा सुधार

अजमेर। उत्तर पश्चिम रेलवे के अजमेर मंडल में रेल यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। अजमेर?चंदेरिया रेल मार्ग पर झड़वासा से सिंघावल के बीच दोहरीकरण का कार्य पूरा होने के बाद नवनिर्मित रेल खंड पर यात्री ट्रेनों का संचालन शुरू कर दिया गया है। 8 अक्टूबर की रात 10:35 बजे इस रेल खंड को यातायात के लिए अधिकृत किया गया। इससे इस मार्ग पर ट्रेनों के संचालन में सुगमता आने और समयबद्धता में सुधार होने की उम्मीद है।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक मिहिर देव के अनुसार, रेल संरक्षा आयुक्त पश्चिमी परिमंडल ई. श्रीनिवास ने 8 अक्टूबर को झड़वासा, बांदनवाड़ा और सिंघावल के बीच 19.571 किलोमीटर लंबे दोहरीकृत रेल खंड का विस्तृत तकनीकी एवं संरक्षा निरीक्षण किया। इस दौरान तेज गति से रेलगाड़ी चलाकर परीक्षण भी किया गया। परीक्षण में रेल पटरी की स्थिति और रेलगाड़ी के चलने की गुणवत्ता संतोषजनक पाई गई।

निरीक्षण सफलतापूर्वक पूरा होने के बाद रेल संरक्षा आयुक्त ने 8 अक्टूबर की रात 9:26 बजे इस खंड पर ट्रेनों के सुरक्षित संचालन के लिए औपचारिक स्वीकृति जारी की। इसके बाद रात 10:35 बजे रेल खंड को यात्री यातायात के लिए खोल दिया गया।

खातीपुरा?भोपाल एक्सप्रेस ने रचा नया इतिहास

नवनिर्मित दोहरीकृत रेल लाइन पर पहली ट्रेन के रूप में गाड़ी संख्या 19711 खातीपुरा?भोपाल एक्सप्रेस का सुरक्षित संचालन किया गया। ट्रेन रात 11:27 बजे झड़वासा स्टेशन से रवाना हुई और रात 11:48 बजे बांदनवाड़ा से गुजरी। इसके बाद 9 अक्टूबर की मध्यरात्रि 12:02 बजे ट्रेन सकुशल सिंघावल स्टेशन पहुंच गई।

मंडल रेल प्रबंधक राजू भूतड़ा ने इस उपलब्धि पर कहा कि दोहरीकृत रेल खंड के चालू होने से अजमेर?चंदेरिया मार्ग पर ट्रेनों का परिचालन अधिक सुगम होगा। क्रॉसिंग के कारण होने वाले विलंब में कमी आएगी और रेल सेवाओं की गति तथा समयबद्धता में उल्लेखनीय सुधार होगा।

रेलवे के इस कदम से मार्ग की परिचालन क्षमता बढ़ने और यात्रियों को अधिक सुचारु रेल सेवाएं उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।