माता वैष्णो देवी धाम में जल संरक्षण की बड़ी पहल, पर्यावरण संतुलन को मिलेगा और मजबूत आधार

कटड़ा में जल संरक्षण की नई मिसाल, वैष्णो देवी धाम को पर्यावरण संरक्षण के साथ टिकाऊ बनाने पर जोर

श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या के बीच जल संरक्षण और हरियाली को प्राथमिकता, केंद्रीय राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने श्राइन बोर्ड की पहलों की सराहना की

कटड़ा। माता वैष्णो देवी के पावन धाम में बढ़ती श्रद्धालु संख्या के बीच जल संरक्षण और पर्यावरणीय संतुलन को मजबूत करने की दिशा में श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड लगातार प्रभावी कदम उठा रहा है। इसी कड़ी में केंद्रीय रेल एवं जल शक्ति राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने शनिवार को कटड़ा पहुंचकर श्राइन बोर्ड की जल संरक्षण एवं पर्यावरणीय स्थिरता से जुड़ी विभिन्न पहलों की समीक्षा की और बोर्ड के प्रयासों की सराहना की।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जिन तीर्थ क्षेत्रों में वर्षभर लाखों श्रद्धालुओं का आगमन होता है, वहां प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने जल संसाधनों के टिकाऊ प्रबंधन, वर्षा जल संचयन, भूजल पुनर्भरण, अपशिष्ट जल के उपचार और वनीकरण जैसे प्रयासों को भविष्य की जरूरत बताते हुए इन व्यवस्थाओं को और मजबूत करने पर जोर दिया।

समीक्षा बैठक में श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी आलोक के. मौर्य ने केंद्रीय मंत्री को बोर्ड की ओर से जल संरक्षण और पर्यावरण संतुलन के लिए किए जा रहे कार्यों की विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि श्राइन बोर्ड प्राकृतिक जल संसाधनों के संरक्षण के साथ-साथ क्षेत्र के पारिस्थितिक संतुलन को बनाए रखने के लिए योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रहा है।

श्राइन बोर्ड की ओर से छतों से वर्षा जल संचयन की व्यवस्था को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके साथ ही बारिश के पानी को जमीन में पहुंचाकर भूजल स्तर बढ़ाने के लिए भूजल पुनर्भरण की व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इससे जल की उपलब्धता को बनाए रखने के साथ भविष्य में पानी की जरूरतों को पूरा करने में भी मदद मिलेगी।

इसके अलावा क्षेत्र में निकलने वाले तरल सीवेज के उचित उपचार और पुन: उपयोग की दिशा में भी प्रयास किए जा रहे हैं। वहीं, हरियाली को बढ़ावा देने के लिए वनीकरण और पौधरोपण को भी प्राथमिकता दी जा रही है। इन पहलों से माता वैष्णो देवी धाम को स्वच्छ, हरित और पर्यावरण के अनुकूल बनाए रखने में महत्वपूर्ण योगदान मिल रहा है।

केंद्रीय राज्य मंत्री वी. सोमन्ना ने श्राइन बोर्ड की ओर से जल संरक्षण, अपशिष्ट जल प्रबंधन और वनीकरण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि तीर्थ क्षेत्रों में विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण का संतुलन बनाए रखना बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की लगातार बढ़ती संख्या के बीच प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण आने वाली पीढ़ियों के लिए भी महत्वपूर्ण है।

माता वैष्णो देवी धाम में जल संरक्षण की ये पहल केवल वर्तमान जरूरतों को पूरा करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि आने वाले वर्षों के लिए प्राकृतिक संसाधनों को सुरक्षित रखने की दिशा में भी महत्वपूर्ण कदम हैं। श्राइन बोर्ड का प्रयास है कि श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ-साथ त्रिकुटा पर्वत क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, हरियाली और पर्यावरणीय संतुलन को भी सुरक्षित रखा जाए।

समीक्षा बैठक के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री वी. सोमन्ना अपनी पत्नी के साथ श्री माता वैष्णो देवी भवन पहुंचे, जहां उन्होंने माता रानी के दर्शन कर विधिवत पूजा-अर्चना की। इस दौरान उन्होंने माता वैष्णो देवी का आशीर्वाद प्राप्त किया और श्रद्धालुओं की सुख-समृद्धि की कामना की।

जल संरक्षण, हरियाली और पर्यावरण संतुलन की दिशा में श्राइन बोर्ड के ये प्रयास माता वैष्णो देवी धाम को आस्था के साथ-साथ प्रकृति संरक्षण का भी प्रेरणादायी केंद्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं।