पीलीभीत कलेक्ट्रेट पर किसानों का अनिश्चितकालीन धरना, धान खरीद केंद्र शुरू कराने की मांग

पीलीभीत। धान की फसल पककर खेतों में तैयार खड़ी है, लेकिन सरकारी धान क्रय केंद्र शुरू न होने से किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। इसी मुद्दे को लेकर किसानों ने पीलीभीत कलेक्ट्रेट परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया। किसानों ने सरकारी क्रय केंद्र तत्काल शुरू कराने के साथ ही बारिश से खराब हुई फसल का सर्वे कराकर मुआवजा दिलाने की मांग उठाई है।

किसानों का आरोप है कि सरकारी खरीद शुरू न होने का फायदा निजी व्यापारी उठा रहे हैं और किसानों से धान कम कीमत पर खरीदा जा रहा है। किसान नेताओं के मुताबिक, जिस धान पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) मिलना चाहिए, उसे निजी स्तर पर करीब 1600 से 1800 रुपये प्रति क्विंटल की दर से खरीदे जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं। धरने के दौरान किसान नेता एवं जिला अध्यक्ष गुरदीप सिंह गोगी ने कहा कि धान की फसल खेतों में पककर तैयार है और किसान अपनी उपज बेचने के लिए परेशान हैं। उनका आरोप है कि सरकारी खरीद व्यवस्था शुरू नहीं होने के कारण किसान मजबूरी में कम कीमत पर धान बेच रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब किसान अपनी फसल औने-पौने दाम पर बेच देगा, उसके बाद क्रय केंद्र खोलने का क्या लाभ होगा।

किसानों ने हाल में हुई बारिश से फसल को हुए नुकसान का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना है कि कई किसानों की फसल प्रभावित हुई है, लेकिन अभी तक नुकसान का सर्वे कराने के लिए संबंधित कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचे हैं। किसानों ने फसल बीमा के तहत प्रीमियम कटने के बावजूद नुकसान होने पर मुआवजा न मिलने की समस्या भी उठाई।

गुरदीप सिंह गोगी ने कहा कि किसानों को यह स्पष्ट जानकारी दी जानी चाहिए कि सरकारी धान खरीद कब शुरू होगी और क्रय केंद्र कब संचालित होंगे। उन्होंने कहा कि जब तक जिलाधिकारी की ओर से किसानों को ठोस आश्वासन नहीं मिलता, तब तक धरना जारी रहेगा।

किसानों ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि दो दिन के भीतर सरकारी धान क्रय केंद्र शुरू नहीं हुए और बारिश से फसल को हुए नुकसान का सर्वे कराकर मुआवजे की प्रक्रिया शुरू नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।