ओमप्रकाश श्रीवास्तव बने संकुल प्रकोष्ठ संयोजक, कार्यकर्ताओं में हर्ष की लहर

लंबे संगठनात्मक अनुभव और सहज कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं ओमप्रकाश श्रीवास्तव

लखनऊ। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ संगठनकर्ता ओमप्रकाश श्रीवास्तव को संकुल प्रकोष्ठ संयोजक बनाए जाने पर पार्टी कार्यकर्ताओं में हर्ष का माहौल है। उनकी नियुक्ति से संगठन से जुड़े कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार हुआ है। लंबे समय से संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय रहे ओमप्रकाश श्रीवास्तव अपने सहज व्यवहार, कार्यकर्ताओं के प्रति आत्मीयता और संगठन के प्रति समर्पण के लिए पहचाने जाते हैं। ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने बचपन से ही राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की विचारधारा से प्रेरित होकर संगठनात्मक कार्यों में भाग लेना शुरू किया। आपातकाल के कठिन दौर में भी उन्होंने विपरीत परिस्थितियों के बावजूद अपने वैचारिक संकल्प और संगठन के प्रति निष्ठा को बनाए रखा। उस समय स्वयंसेवकों को विभिन्न प्रकार की चुनौतियों का सामना करना पड़ा, लेकिन श्रीवास्तव लगातार संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़े रहे।

वर्ष 1993 में उन्होंने भारतीय जनता पार्टी में सक्रिय रूप से प्रवेश किया। इसके बाद संगठन में उन्हें विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां मिलीं। उन्होंने काशी क्षेत्र के संगठन मंत्री तथा कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र के संगठन मंत्री के रूप में कार्य किया। इन दोनों क्षेत्रों में संगठन को मजबूत बनाने और कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

प्रकोष्ठ एवं विभागों को नई दिशा देने में निभाई भूमिका

भाजपा में प्रकोष्ठ एवं विभाग के प्रभारी के रूप में कार्य करते हुए ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने संगठन के विभिन्न प्रकोष्ठों को सक्रिय करने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास किया। उनके कार्यकाल में विभिन्न अभियानों में प्रकोष्ठों की भागीदारी बढ़ी तथा कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक गतिविधियों में सक्रिय भूमिका निभाने के अवसर मिले। पार्टी के विभिन्न अभियानों में प्रकोष्ठ एवं विभागों की प्रभावी भागीदारी सुनिश्चित करने के साथ-साथ उन्होंने जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को जोड़ने पर भी विशेष ध्यान दिया। उनके सहयोगियों के अनुसार, संगठन के अंतिम पायदान पर खड़े कार्यकर्ताओं को प्रोत्साहित करना और उन्हें जिम्मेदारियां सौंपना उनकी कार्यशैली का महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।

लोकसभा चुनाव के दौरान विशेष संपर्क अभियान के प्रभारी के रूप में भी उन्होंने उत्तर प्रदेश में विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजन और संचालन में भूमिका निभाई। इसके बाद देशव्यापी सदस्यता अभियान में भी प्रकोष्ठ एवं विभागों के माध्यम से कार्यकर्ताओं को सक्रिय किया गया। उनके सहयोगियों का कहना है कि इन अभियानों से संगठन को व्यापक स्तर पर मजबूती मिली।

कार्यकर्ताओं के बीच सहज और आत्मीय व्यवहार

ओमप्रकाश श्रीवास्तव के साथ कार्य कर चुके राष्ट्रीय युवा संसद के प्रतिभागी श्री सूर्यदेव सिंह सोमवंशी ने उनके व्यक्तित्व और कार्यशैली को याद करते हुए कहा कि वह कार्यकर्ताओं के बीच सहजता और सरलता के लिए जाने जाते हैं।

सूर्यदेव सिंह सोमवंशी ने कहा, ?आदरणीय ओमप्रकाश श्रीवास्तव जी का स्वभाव कार्यकर्ताओं में नई ऊर्जा का संचार करता है। जब भी कोई कार्यकर्ता उनसे मिलता है, तो उसे कभी ऐसा महसूस नहीं होता कि वह पहली बार उनसे मिल रहा है। वह कार्यकर्ताओं की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुनते हैं, उनके समाधान के लिए उचित सलाह देते हैं और संगठन के कार्यों से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हैं।?

उन्होंने कहा कि संगठन के प्रत्येक कार्यकर्ता को साथ लेकर चलना, उसकी क्षमता को पहचानना और उसे उचित मार्गदर्शन देना ओमप्रकाश श्रीवास्तव की विशेषता है। उनके अनुसार, श्रीवास्तव संगठनात्मक कार्यों की गहरी समझ रखने वाले अनुभवी मार्गदर्शक हैं।

दिव्यांगता को बाधा नहीं, प्रतिभा को दिया अवसर

सूर्यदेव सिंह सोमवंशी ने ओमप्रकाश श्रीवास्तव के साथ अपनी पहली मुलाकात का अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनकी सहजता और सरल व्यवहार ने उन्हें काफी प्रभावित किया था।

उन्होंने कहा, ?जब मैंने उन्हें बताया कि मैं माननीय प्रधानमंत्री जी की अध्यक्षता में आयोजित राष्ट्रीय युवा संसद में प्रतिभाग करने वाला देश का प्रथम दिव्यांग युवा हूं, तब उन्होंने मेरी दिव्यांगता को किसी बाधा के रूप में नहीं देखा। उन्होंने मुझे अपने साथ काम करने का अवसर दिया और संगठनात्मक तथा राजनीतिक कार्यों को समझने का मार्गदर्शन दिया।?

सूर्यदेव सिंह ने कहा कि ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने उन्हें अपने साथ रखकर संगठन के कामकाज, कार्यकर्ताओं से संवाद और सामाजिक-राजनीतिक गतिविधियों की बारीकियां समझने का अवसर दिया। उन्होंने श्रीवास्तव को अपना ईश्वर तुल्य गुरु और मार्गदर्शक बताते हुए कहा कि उनके आशीर्वाद और मार्गदर्शन ने उनके जीवन को नई दिशा दी।

उन्होंने भावुक होकर कहा, ?मैं उस समय एक छोटा-सा कार्यकर्ता था। आज प्रदेश और देश में दिव्यांगजनों सहित आम लोगों के बीच मेरी जो पहचान बनी है, उसमें ओमप्रकाश श्रीवास्तव जी के मार्गदर्शन और आशीर्वाद की महत्वपूर्ण भूमिका है। यदि उनका सहयोग और स्नेह नहीं मिला होता, तो शायद मैं भी किसी कोने में बैठकर अपना जीवन व्यतीत कर रहा होता।?

नई जिम्मेदारी से संगठन को मिलेगी गति

ओमप्रकाश श्रीवास्तव को पुनः संकुल प्रकोष्ठ संयोजक बनाए जाने पर भाजपा कार्यकर्ताओं और उनके सहयोगियों ने प्रसन्नता व्यक्त की है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि उनके अनुभव, सहज व्यवहार और संगठनात्मक क्षमता से प्रकोष्ठों के कार्यों को और अधिक गति मिलेगी।

कार्यकर्ताओं को उम्मीद है कि नई जिम्मेदारी के तहत ओमप्रकाश श्रीवास्तव संगठन के विभिन्न प्रकोष्ठों को और अधिक सक्रिय करेंगे तथा समाज के विभिन्न वर्गों तक पार्टी के विचारों और नीतियों को पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। ओमप्रकाश श्रीवास्तव की नियुक्ति को उनके लंबे संगठनात्मक सफर, कार्यकर्ताओं के प्रति आत्मीय व्यवहार और संगठन के प्रति निरंतर समर्पण की दिशा में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के रूप में देखा जा रहा है।