अनावश्यक चेन पुलिंग पर प्रयागराज मंडल की सख्ती, आठ माह में 2528 गिरफ्तार

प्रयागराज। ट्रेनों के सुरक्षित और समयबद्ध संचालन में बाधा डालने वाली अनावश्यक अलार्म चेन पुलिंग के खिलाफ प्रयागराज मंडल ने सख्त रुख अपनाया है। मंडल में 1 जनवरी से 31 अगस्त 2026 तक चलाए गए विशेष अभियान के दौरान 2528 लोगों को गिरफ्तार कर रेलवे अधिनियम के तहत उनके विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की गई।

रेल प्रशासन के अनुसार, अलार्म चेन की सुविधा यात्रियों की सुरक्षा के लिए केवल वास्तविक आपातकालीन परिस्थितियों में दी गई है। बिना उचित कारण चेन खींचने से ट्रेन को अनावश्यक रूप से रोकना पड़ता है, जिससे ट्रेनों का समयपालन प्रभावित होने के साथ ही अन्य यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ता है।

आंकड़ों के अनुसार, जनवरी में 274, फरवरी में 244, मार्च में 341, अप्रैल में 318, मई में 386, जून में 397, जुलाई में 289 और अगस्त में 279 लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई।

रेलवे सुरक्षा बल के पोस्टवार आंकड़ों में कानपुर सेंट्रल सबसे आगे रहा, जहां 392 लोगों को गिरफ्तार किया गया। इसके बाद टूंडला में 250, इटावा में 199, अलीगढ़ में 191, प्रयागराज जंक्शन में 182 और फतेहपुर में 170 लोगों पर कार्रवाई हुई। नैनी में 162, फफूंद में 139, मिर्जापुर में 136, प्रयागराज छिवकी में 95 तथा मानिकपुर में 90 लोगों को गिरफ्तार किया गया।

रेल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अनावश्यक चेन पुलिंग रेलवे अधिनियम के तहत दंडनीय अपराध है। ऐसे मामलों में निगरानी बढ़ाने के साथ आरोपियों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।

प्रयागराज मंडल ने यात्रियों से अपील की है कि अलार्म चेन का इस्तेमाल केवल वास्तविक आपातकालीन स्थिति में ही करें। यात्रियों के सहयोग से ट्रेनों का सुरक्षित, सुगम और समयबद्ध संचालन सुनिश्चित किया जा सकता है।