शताब्दी में छूटा कीमती बैग, ईमानदार चेकिंग स्टाफ ने लौटाया सामान

ट्रेन में छूटा कीमती बैग, टिकट चेकिंग स्टाफ ने ईमानदारी से लौटाया

नई दिल्ली-अमृतसर शताब्दी एक्सप्रेस में चेकिंग स्टाफ की तत्परता ने यात्री की चिंता दूर की, नकदी समेत लाखों का कीमती सामान सुरक्षित

भारतीय रेल में यात्री सेवा, ईमानदारी और जिम्मेदारी की एक शानदार मिसाल सामने आई है। नई दिल्ली से अमृतसर जा रही 12013 शताब्दी एक्सप्रेस में यात्री का कीमती बैग छूट जाने के बाद ट्रेन में तैनात टिकट चेकिंग स्टाफ ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बैग को सुरक्षित रखा और यात्री तक पहुंचाने की व्यवस्था की। चेकिंग स्टाफ की इस संवेदनशीलता और ईमानदारी से यात्री को बड़ी राहत मिली।

जानकारी के मुताबिक, ट्रेन के सी-10 कोच की सीट संख्या 1 और 2 पर दो यात्री नई दिल्ली से सरहिंद तक सफर कर रहे थे। सरहिंद जंक्शन पहुंचने पर दोनों यात्री ट्रेन से उतर गए, लेकिन उनका एक कीमती बैग ट्रेन में ही रह गया। ट्रेन के सरहिंद से आगे रवाना होने के बाद जब इस बात की जानकारी ड्यूटी पर तैनात टिकट चेकिंग स्टाफ को हुई तो उन्होंने बिना देर किए मामले को गंभीरता से लिया।

चरनजीत सिंह संधू और दिनेश शर्मा ने तत्काल यात्री से फोन पर संपर्क किया और उन्हें बताया कि उनका बैग सुरक्षित है। यात्री ने राहत की सांस लेते हुए बताया कि उसके रिश्तेदार लुधियाना में रहते हैं और अनुरोध किया कि बैग उन्हें सौंप दिया जाए।

बैग में करीब 10 हजार रुपये नकद, एप्पल हेडफोन और एक जोड़ी हीरे की बालियां समेत अन्य कीमती सामान मौजूद था। ऐसे में बैग सुरक्षित मिलना यात्री के लिए किसी बड़ी राहत से कम नहीं था। चेकिंग स्टाफ ने पूरी जिम्मेदारी के साथ सामान को सुरक्षित रखा और यात्री के बताए अनुसार उसे उसके रिश्तेदार तक पहुंचाने की व्यवस्था की।

इस पूरी कार्रवाई के दौरान टिकट चेकिंग स्टाफ ने न केवल अपनी ड्यूटी के प्रति जिम्मेदारी दिखाई, बल्कि मानवीय संवेदनशीलता और ईमानदारी का भी परिचय दिया। यात्री ने चरनजीत सिंह संधू और दिनेश शर्मा का विशेष रूप से धन्यवाद करते हुए उनकी तत्परता और ईमानदारी की सराहना की।

ईमानदार कर्मचारियों पर मंडल को गर्व

फिरोजपुर मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक बसंत कुमार ने टिकट चेकिंग स्टाफ के इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि ईमानदारी और यात्री सेवा भारतीय रेल का मुख्य ध्येय है। उन्होंने कहा कि चेकिंग स्टाफ और सुरक्षा कर्मियों द्वारा की गई त्वरित एवं पारदर्शी कार्रवाई मंडल के उच्च नैतिक मूल्यों को दर्शाती है।

उन्होंने कहा कि भारतीय रेल को अपने ऐसे कर्मचारियों पर गर्व है, जो यात्रियों की यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के साथ-साथ उनके सामान की सुरक्षा के लिए भी हमेशा तत्पर रहते हैं। इस तरह के अनुकरणीय कार्य रेल सेवाओं में जनता के विश्वास को और मजबूत करते हैं।

वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक ने इस उत्कृष्ट कार्य के लिए संबंधित कर्मचारियों को उचित रूप से सम्मानित किए जाने की भी बात कही।

यात्री सेवा से मजबूत हुआ भरोसा

टिकट चेकिंग स्टाफ की ईमानदारी और तत्परता ने एक बार फिर साबित किया कि भारतीय रेल में यात्री सेवा केवल टिकट जांच तक सीमित नहीं है। यात्रियों की परेशानी को समझना, उनके सामान की सुरक्षा करना और जरूरत के समय तत्काल मदद के लिए आगे आना भी रेल कर्मचारियों की सेवा भावना का हिस्सा है।

चरनजीत सिंह संधू और दिनेश शर्मा की इस पहल ने न केवल एक यात्री का कीमती सामान सुरक्षित लौटाया, बल्कि भारतीय रेल के प्रति यात्री के भरोसे को भी और मजबूत किया।