बारिश और धुंध भी नहीं रोक पाई मां के भक्तों की आस्था, 11 हजार श्रद्धालु भवन की ओर रवाना

बारिश और धुंध भी नहीं रोक पाई मां के भक्तों की आस्था, 11 हजार श्रद्धालु भवन की ओर रवाना

कटड़ा में मौसम बदला, हेलीकॉप्टर सेवा रही प्रभावित; श्रद्धालुओं का उत्साह बरकरार, प्रशासन ने संभाली व्यवस्था

कटड़ा। कटड़ा में सोमवार तड़के से रुक-रुककर हो रही हल्की बारिश और त्रिकुटा पर्वत पर छाई धुंध के बीच भी मां वैष्णो देवी के भक्तों की आस्था और उत्साह कम नहीं हुआ। मौसम की प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद माता वैष्णो देवी की यात्रा सुचारू रूप से जारी रही। श्रद्धालु परिवार और मित्रों के साथ जयकारे लगाते हुए पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ भवन की ओर बढ़ते नजर आए।

खराब मौसम के चलते हेलीकॉप्टर सेवा फिलहाल स्थगित रही, लेकिन पैदल मार्ग से श्रद्धालुओं की यात्रा लगातार जारी रही। सोमवार शाम चार बजे तक करीब 11 हजार श्रद्धालु पंजीकरण करवाकर भवन की ओर रवाना हो चुके थे, जबकि कटड़ा पहुंचने वाले श्रद्धालुओं का सिलसिला भी लगातार जारी रहा।

बारिश के बीच प्रशासन की शानदार तैयारी

रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण यात्रा मार्गों पर श्रद्धालुओं को किसी तरह की परेशानी न हो, इसके लिए श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के सफाई कर्मचारी लगातार मार्गों की साफ-सफाई और व्यवस्था को बेहतर बनाए रखने में जुटे रहे। यात्रा मार्गों पर सुविधाओं और सुरक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह सक्रिय नजर आया।

आपदा प्रबंधन दल, श्राइन बोर्ड प्रशासन, पुलिस विभाग और सीआरपीएफ के जवान भी यात्रा मार्गों पर लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। मौसम में बदलाव को देखते हुए श्रद्धालुओं को सावधानी बरतने और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की सलाह दी जा रही है।

हर मौसम में श्रद्धालुओं की आस्था अटूट

मौसम की चुनौती के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा है। माता के जयकारों से यात्रा मार्ग भक्तिमय नजर आ रहे हैं। श्रद्धालु बारिश और धुंध के बीच भी मां के दर्शन की इच्छा लेकर लगातार भवन की ओर बढ़ रहे हैं।

यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए बैटरी कार, रोपवे, घोड़ा-पिट्ठू और पालकी सहित विभिन्न सेवाएं उपलब्ध हैं। श्राइन बोर्ड और प्रशासन की ओर से यात्रा मार्गों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है, ताकि श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुविधाजनक यात्रा का अनुभव मिल सके।

बारिश और धुंध के बीच भी श्रद्धालुओं की आस्था ने मौसम की हर चुनौती को पीछे छोड़ दिया है। माता के जयकारों के साथ त्रिकुटा पर्वत की ओर बढ़ते भक्तों का उत्साह साफ संदेश दे रहा है कि मां के दरबार तक पहुंचने की श्रद्धा मौसम की हर बाधा से बड़ी है।