माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के स्थापना दिवस पर एलजी मनोज सिन्हा ने गिनाईं उपलब्धियां, गुरुकुल के छात्रों को दिया संस्कार और विज्ञान का संदेश

कटड़ा। श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड के स्थापना दिवस और श्री माता वैष्णो देवी गुरुकुल के वार्षिक दिवस समारोह का आयोजन श्रद्धा, शिक्षा और सेवा के संदेश के साथ किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने श्राइन बोर्ड की ओर से श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और बेहतर सेवाओं के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना की।

उपराज्यपाल ने कहा कि श्राइन बोर्ड की उपलब्धियां समर्पण, अनुशासन और सेवा भावना का परिणाम हैं। उन्होंने गुरुकुल के विद्यार्थियों से कहा कि जिज्ञासा ज्ञान का पहला दीपक है। सवाल पूछना कमजोरी नहीं, बल्कि सीखने और आगे बढ़ने का माध्यम है। शिक्षकों को विद्यार्थियों को ज्ञान के साथ संस्कार और जीवन मूल्यों की शिक्षा भी देनी चाहिए।

विज्ञान के साथ संस्कार जरूरी

मनोज सिन्हा ने कहा कि विज्ञान हमें गति देता है, जबकि मूल्य हमें दिशा देते हैं। गति और दिशा का संतुलन ही वास्तविक प्रगति है। उन्होंने कहा कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता और आध्यात्मिकता की यात्रा साथ-साथ आगे बढ़नी चाहिए। भारतीय परंपराओं और मूल्यों से जड़ों को मजबूत करते हुए विज्ञान एवं आधुनिक तकनीक के माध्यम से विद्यार्थियों को नए अवसर देने की जरूरत है।

उन्होंने गुरुकुल में विज्ञान और कंप्यूटर तकनीक जैसे आधुनिक विषयों को शामिल किए जाने की भी सराहना की।

पर्यावरण संरक्षण को जीवन का हिस्सा बनाने पर जोर

उपराज्यपाल ने श्री माता वैष्णो देवी श्राइन बोर्ड और गुरुकुल से पर्यावरण संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने जल संरक्षण, ऊर्जा संरक्षण, पौधारोपण और स्वच्छता को बढ़ावा देने पर जोर दिया, ताकि दोनों संस्थान सतत विकास के प्रेरक उदाहरण बन सकें।

उन्होंने भारतीय प्राचीन ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रकृति के प्रति सम्मान हमारी संस्कृति का अभिन्न हिस्सा रहा है। आज जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों के दौर में आधुनिक विज्ञान के साथ भारतीय ज्ञान परंपराओं को समझना भी आवश्यक है।

गुरुकुल के लिए तीन नई पहल का प्रस्ताव

उपराज्यपाल ने गुरुकुल के विकास के लिए तीन महत्वपूर्ण पहलों का प्रस्ताव रखा। इनमें 'मूल्य एवं विज्ञान नवाचार केंद्र','सेवा एवं समाज अभियान' तथा 'भविष्य के कौशल एवं नैतिक तकनीक' शामिल हैं। इन पहलों के माध्यम से भारतीय ज्ञान परंपरा और आधुनिक विज्ञान के बीच संवाद, समाजसेवा, स्वच्छता, डिजिटल साक्षरता, पर्यावरण संरक्षण तथा नई तकनीकों के जिम्मेदार उपयोग को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया।

उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में श्री माता वैष्णो देवी गुरुकुल ऐसा शिक्षा केंद्र बनेगा, जहां परंपरा और आधुनिकता एक-दूसरे को समृद्ध करेंगी और विद्यार्थी संवेदनशील, जागरूक एवं जिम्मेदार नागरिक बनकर देश-समाज की सेवा करेंगे।

'गुरुकुलोदयम्' और 'ब्राह्मी' का विमोचन

समारोह के दौरान श्री माता वैष्णो देवी गुरुकुल की स्थापना और विकास यात्रा पर आधारित पुस्तक ?गुरुकुलोदयम्? के दूसरे संस्करण तथा वार्षिक पत्रिका ?ब्राह्मी? के पांचवें संस्करण का विमोचन किया गया।

गुरुकुल के प्रधानाचार्य डॉ. धनंजय मिश्रा ने वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत कर संस्थान की शैक्षणिक उपलब्धियों और प्रगति की जानकारी दी। विद्यार्थियों ने संस्कृत नाटक ?उरुभंगम्? और भक्तिमय भजनों की शानदार प्रस्तुति दी, जिसे उपस्थित लोगों ने खूब सराहा।

समारोह में श्राइन बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सचिन कुमार वैश्य सहित बोर्ड के सदस्य, वरिष्ठ अधिकारी, कर्मचारी, गुरुकुल के शिक्षक, विद्यार्थी और अभिभावक मौजूद रहे। अधिकारियों ने बताया कि श्राइन बोर्ड श्रद्धालुओं की सुविधा बढ़ाने के साथ-साथ संस्थागत ढांचे को भी लगातार मजबूत कर रहा है। नए यात्री सुविधाओं के विस्तार, आधुनिक हेलिपैड, वैष्णवी भवन और कर्मचारी कल्याण से जुड़े कार्यों से व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाया गया है।