दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में रेल पटरियों और टर्नआउट के नवीनीकरण को मिली रफ्तार

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में रेल पटरियों और टर्नआउट के नवीनीकरण को मिली रफ्तार

मजबूत रेल अवसंरचना से सुरक्षित, सुगम और आरामदायक यात्रा की दिशा में लगातार कदम

बिलासपुर। यात्रियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में रेल पटरियों, स्लीपरों और टर्नआउट के नवीनीकरण कार्यों को लगातार गति दी जा रही है। आधुनिक और मजबूत रेल अवसंरचना तैयार करने की इस पहल से रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित, विश्वसनीय और सुचारु बनाने में मदद मिल रही है।

गत वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में रेल एवं स्लीपर नवीनीकरण के तहत 357.66 सीटीआर यूनिट रेल पथ का नवीनीकरण किया गया। वहीं, चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में 1 अप्रैल से 31 जुलाई 2026 तक 116 सीटीआर यूनिट रेल पथ का नवीनीकरण पूरा किया जा चुका है।

रेल पथ नवीनीकरण के दौरान पुराने अथवा निर्धारित अवधि पूरी कर चुके रेल, स्लीपर, संयोजक और फिटिंग उपकरणों को बदला जाता है। इससे रेल पथ की मजबूती, स्थायित्व और विश्वसनीयता बढ़ती है तथा ट्रेनों के सुरक्षित परिचालन को और मजबूती मिलती है।

टर्नआउट नवीनीकरण पर भी विशेष जोर

ट्रेनों को एक रेल मार्ग से दूसरे रेल मार्ग पर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले टर्नआउट के नवीनीकरण को भी रेलवे की ओर से विशेष प्राथमिकता दी जा रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 में 459.50 भारित संख्या के टर्नआउट का नवीनीकरण किया गया। चालू वित्तीय वर्ष में 1 अप्रैल से 31 जुलाई तक 117.50 भारित संख्या के टर्नआउट नवीनीकरण कार्य पूरे किए जा चुके हैं।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की ओर से रेल पथ, स्लीपर और टर्नआउट के नियमित नवीनीकरण एवं रखरखाव से रेल संरक्षा को और मजबूत किया जा रहा है। रेलवे के इन प्रयासों से यात्रियों को अधिक सुरक्षित, सुगम और आरामदायक रेल यात्रा उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

रेल अवसंरचना को मजबूत बनाने की दिशा में जारी ये कार्य दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे की सुरक्षित और विश्वसनीय रेल सेवा उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को और मजबूत करते हैं।