एक ही रात में बना पैदल सबवे, 45 मिनट पहले पूरा हुआ काम

अहमदाबाद। पश्चिम रेलवे के अहमदाबाद मंडल ने आधुनिक प्रीकास्ट तकनीक का प्रभावी इस्तेमाल करते हुए वस्त्रापुर में रेलवे लाइन के नीचे पैदल सबवे का निर्माण महज एक रात में पूरा कर नया उदाहरण पेश किया है। 25-26 अगस्त की मध्यरात्रि को मिले 8 घंटे के रेलवे ब्लॉक के दौरान खुदाई, साइट तैयार करने से लेकर प्रीकास्ट सबवे संरचना की स्थापना और अंतिम कार्य तक की पूरी प्रक्रिया 7 घंटे 15 मिनट में पूरी कर ली गई, यानी निर्धारित समय से 45 मिनट पहले रेलवे लाइन को यातायात के लिए तैयार कर दिया गया।

यह महत्वपूर्ण कार्य अहमदाबाद मंडल रेल प्रबंधक वेद प्रकाश और निर्माण विभाग के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी प्रदीप गुप्ता की निगरानी एवं समन्वय में पूरा हुआ। कार्य के दौरान रेलवे के निर्धारित सुरक्षा और गुणवत्ता मानकों का पालन किया गया।

रेल मंत्री के दौरे के बाद मिली परियोजना को गति

यह परियोजना केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के 4 जुलाई 2026 को बागोदरा स्थित संयंत्र के दौरे के बाद शुरू हुई महत्वपूर्ण पहल का हिस्सा है। दौरे के दौरान भारतीय रेलवे के लिए प्रीकास्ट बुनियादी ढांचा समाधानों का प्रदर्शन किया गया था। इसके बाद वस्त्रापुर में रेलवे लाइन के नीचे उच्च गुणवत्ता और जलरोधी प्रीकास्ट पैदल सबवे के निर्माण एवं स्थापना का कार्य आगे बढ़ाया गया।

सीमित समय में पूरा हुआ चुनौतीपूर्ण काम

रेलवे लाइन के नीचे अंडरग्राउंड क्रॉसिंग बनाना बेहद चुनौतीपूर्ण कार्य माना जाता है। इसमें खुदाई, संरचना की स्थापना और रेलवे ट्रैक की बहाली जैसे कई महत्वपूर्ण कार्य निर्धारित ब्लॉक अवधि में पूरे करने होते हैं। फैक्ट्री में पहले से तैयार प्रीकास्ट संरचनाओं के इस्तेमाल से साइट पर निर्माण का समय काफी कम हुआ और पूरा कार्य एक ही रात में सफलतापूर्वक पूरा किया गया।

अहमदाबाद मंडल रेल प्रबंधक वेद प्रकाश ने कहा कि एक ही रेलवे ब्लॉक के दौरान पैदल सबवे की स्थापना तेज, सुरक्षित और आधुनिक निर्माण तकनीक का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने कहा कि रेलवे के लिए यात्री सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और ऐसी तकनीक से कम समय में गुणवत्तापूर्ण स्थायी बुनियादी ढांचा तैयार करने के साथ रेल यातायात में व्यवधान भी न्यूनतम किया जा सकता है।

स्थानीय लोगों को मिलेगी बड़ी सुविधा

वस्त्रापुर में बने इस पैदल सबवे से स्थानीय नागरिकों को रेलवे लाइन पार करने के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक रास्ता मिलेगा। इससे रेलवे ट्रैक पर अनधिकृत पैदल आवागमन और ट्रैक पार करने की घटनाओं को रोकने में भी मदद मिलेगी। प्रीकास्ट संरचना के कारण बारिश के दौरान जलभराव की समस्या को कम करने में भी सहायता मिलने की उम्मीद है।

वेजलपुर के विधायक अमित ठाकेर ने इस कार्य की सराहना करते हुए कहा कि स्थानीय नागरिक लंबे समय से सुरक्षित पैदल आवागमन की सुविधा की मांग कर रहे थे। उन्होंने कहा कि जिस गति से यह कार्य पूरा किया गया है, वह सराहनीय है और इससे क्षेत्र के लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी।

आधुनिक रेलवे निर्माण की दिशा में अहम कदम

प्रीकास्ट तकनीक के जरिए फैक्ट्री में संरचनाओं को सटीकता और गुणवत्ता के साथ तैयार कर मौके पर कम समय में स्थापित किया जा सकता है। इससे रेलवे ब्लॉक की अवधि कम रखने और यातायात व्यवधान को न्यूनतम करने में मदद मिलती है। पैदल सबवे, अंडरपास और रेलवे लाइन के नीचे बनने वाली अन्य संरचनाओं के लिए यह तकनीक विशेष रूप से उपयोगी साबित हो सकती है।

वस्त्रापुर परियोजना में फूजी सिल्वरटेक कंक्रीट, खोडल कंस्ट्रक्शन और पश्चिम रेलवे के अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय और टीमवर्क से यह कार्य समय से पहले पूरा हुआ। परियोजना को भारतीय बुनियादी ढांचा विकास के साथ जापानी ?मोनोजुकुरी? इंजीनियरिंग कार्यशैली के समन्वय का उल्लेखनीय उदाहरण भी माना जा रहा है।