जनराहत के लिए अवकाश में भी नहीं थमे नगर परिषद के हाथ, देर रात तक फाइलें निपटा रहे अधिकारी

स्वच्छ भारत मिशन के ब्रांड एंबेसेडर के.के. गुप्ता के निर्देशों का असर: डूंगरपुर नगर परिषद में शनिवार को भी हुआ काम, 8 बजे तक डटे रहे कार्मिक

संवाददाता ? संतोष व्यास

डूंगरपुर। राज्य सरकार की मंशा के अनुरूप शहरी क्षेत्र के निवासरत आमजन को त्वरित राहत पहुंचाने की पहल अब धरातल पर रंग लाने लगी है। स्वच्छ भारत मिशन (शहरी) के ब्रांड एंबेसेडर के.के. गुप्ता के सख्त निर्देशों के बाद डूंगरपुर नगर परिषद की कार्यशैली में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। शनिवार के राजकीय अवकाश के बावजूद नगर परिषद कार्यालय खुला रहा, जहां अधिकारियों और कर्मचारियों ने देर शाम तक बैठकर कई दिनों से लंबित पड़ी फाइलों का निस्तारण किया।

हाल ही में ब्रांड एंबेसेडर के.के. गुप्ता ने नगर परिषद की समीक्षा बैठक लेने के साथ-साथ शहरी सेवा शिविर का औचक निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में आवेदन व फाइलें लंबित पाए जाने पर उन्होंने गहरी नाराजगी जताई थी। गुप्ता ने स्पष्ट हिदायत दी थी कि शिविर का उद्देश्य जनता को राहत देना है, इसलिए किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि आमजन को चक्कर न काटने पड़ें और जल्द से जल्द लंबित प्रकरणों का निस्तारण सुनिश्चित किया जाए।

- अतिरिक्त समय देकर निपटाए जा रहे काम

ब्रांड एंबेसेडर की इस सख्त हिदायत के बाद परिषद प्रशासन पूरी तरह एक्शन मोड में आ गया है। आयुक्त ललित सिंह देथा के निर्देशन में अधिकारी-कर्मचारी न केवल रोजाना निर्धारित समय के बाद रात 8 बजे तक काम कर रहे हैं, बल्कि अवकाश के दिन भी कार्यालय पहुंचकर कार्य पूरा करने में जुटे हैं।

शनिवार को भूमि शाखा में एटीपी सचिन पण्ड्या, सहायक अभियंता भक्तेश पाटीदार, भूमि शाखा प्रभारी अमृत मीणा, हिमांशु सोनी, पुनीत भोई और अविनाश भोई सहित कई कार्मिकों ने मुस्तैदी से काम किया। इस दौरान शहरवासियों के नामांतरण, भवन निर्माण स्वीकृति, उपविभाजन-एकीकरण और विभिन्न प्रकार के पट्टों से जुड़ी फाइलों की जांच कर उनका त्वरित निस्तारण किया गया।

स्थानीय प्रशासन का कहना है कि जनराहत ही परिषद की पहली प्राथमिकता है और जब तक शिविर के तहत प्राप्त सभी आवेदनों का पारदर्शी व शीघ्र निस्तारण नहीं हो जाता, तब तक यह विशेष अभियान इसी गति से जारी रहेगा।