जनगणना कर्मियों ने लंबित मानदेय के शीघ्र भुगतान को लेकर देवल तहसीलदार को सौंपा ज्ञापन

संवाददाता - संतोष व्यास

डूंगरपुर। भारत की जनगणना जैसे राष्ट्रीय और अति-महत्वपूर्ण कार्य में दिन-रात एक करने वाले प्रगणकों एवं सुपरवाइजरों को लंबे समय से मानदेय न मिलने के कारण अब उनमें भारी रोष व्याप्त है। मानदेय के शीघ्र भुगतान की पुरजोर मांग को लेकर शुक्रवार को राजस्थान शिक्षक संघ ब्लॉक कमेटी पाल देवल के प्रतिनिधियों ने तहसीलदार को एक ज्ञापन सौंपा।

ब्लॉक अध्यक्ष केशव कोटेड एवं जिला उपाध्यक्ष नारायण लाल कोटेड के संयुक्त नेतृत्व में सौंपे गए इस ज्ञापन में बताया गया कि जनगणना कर्मियों ने अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ किया था। इसके बावजूद, राज्य सरकार की ओर से आवश्यक बजट जारी न किए जाने की वजह से उनका मानदेय लंबे समय से अटका पड़ा है। समय पर भुगतान न होने के कारण कर्मियों को गंभीर आर्थिक और मानसिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।

ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला संयुक्त मंत्री विनोद मीणा ने प्रशासनिक अधिकारियों से मांग की कि वे राज्य सरकार को तुरंत आवश्यक बजट आवंटित करने हेतु सिफारिश भेजें। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भविष्य में ऐसे महत्वपूर्ण कार्यों का मानदेय समयबद्ध रूप से मिलना सुनिश्चित किया जाना चाहिए।

शिक्षक संघ की ब्लॉक कमेटी ने कड़े शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन और सरकार ने इस मामले पर शीघ्र ही कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया, तो जनगणना कर्मियों के अधिकारों की रक्षा के लिए एक व्यापक आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। इस अवसर पर दीपक अहारी, श्यामसुंदर डामोर, गौरव पाटीदार, मनीषा डेंडोर, जयवीर लिम्बात, नरेश भगोरा, विमल रावल, कमलेश गर्ग, देवीलाल बोहा सहित कई प्रगणक एवं सुपरवाइजर उपस्थित रहे।