एम्स ने जिला कारागार में हेपेटाइटिस-बी जांच एवं जागरूकता शिविर का आयोजन

रायबरेली।अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान के सामुदायिक चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य विभाग तथा माइक्रोबायोलॉजी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में जिला कारागार में हेपेटाइटिस-बी स्क्रीनिंग एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया।
कार्यकारी निदेशक प्रो.(डॉ.)अमिता जैन के मार्गदर्शन एवं सामुदायिक चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य विभागाध्यक्ष प्रो.(डॉ.)भोला नाथ के नेतृत्व में इसका आयोजन किया गया।कार्यक्रम में जिला कारागार के अधीक्षक तथा जेलर सहित कारागार प्रशासन के अन्य अधिकारी और एम्स की ओर से एसोसिएट प्रोफेसर डॉ.सौरभ पॉल तथा डॉ.शेफाली गुप्ता,रेजिडेंट चिकित्सक एवं इंटर्न्स उपस्थित रहे।कार्यक्रम के दौरान प्रो.(डॉ.)भोला नाथ ने बंदियों को संबोधित करते हुए हेपेटाइटिस-बी एवं हेपेटाइटिस-सी के संक्रमण के विभिन्न माध्यमों,उनसे बचाव के उपायों,समय पर जांच एवं टीकाकरण के महत्व तथा सुरक्षित व्यवहार अपनाने के बारे में विस्तार से जानकारी दी।उन्होंने बताया कि जागरूकता,समय पर जांच तथा उचित रोकथाम के माध्यम से इन संक्रमणों को प्रभावी रूप से नियंत्रित किया जा सकता है।इसके पश्चात सामुदायिक चिकित्सा एवं जनस्वास्थ्य विभाग के इंटर्न्स द्वारा हेपेटाइटिस-बी से संबंधित भ्रांतियों को दूर करने तथा संक्रमण की रोकथाम के संदेश को जनसामान्य तक पहुँचाने के उद्देश्य से एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया गया,जिसे बंदियों एवं उपस्थित अधिकारियों ने अत्यंत सराहा।
माइक्रोबायोलॉजी विभाग द्वारा लगभग 150 बंदियों के रक्त नमूने हेपेटाइटिस-बी की जांच हेतु एकत्र किए गए।इन नमूनों की जांच के आधार पर आवश्यकतानुसार आगे की चिकित्सीय सलाह एवं परामर्श उपलब्ध कराया जाएगा।एम्स रायबरेली भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी स्वास्थ्य जागरूकता एवं स्क्रीनिंग कार्यक्रमों का आयोजन निरंतर करता रहेगा।