झांसी मंडल में आधुनिक सिग्नलिंग की बड़ी उपलब्धि, 14 किमी रेलखंड पर शुरू हुई ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग

प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल ने रेल परिचालन को अधिक सुरक्षित, तेज और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की है। मंडल के मुस्तरा गढ़मऊ पारीछा के 14 किलोमीटर लंबे रेलखंड पर अत्याधुनिक ऑटोमैटिक ब्लॉक सिग्नलिंग (एबीएस) प्रणाली सफलतापूर्वक शुरू कर दी गई है।

नई प्रणाली लागू होने के बाद इस रेलखंड पर ट्रेनें कम अंतराल पर भी पूरी सुरक्षा के साथ संचालित की जा सकेंगी। इससे लाइन क्षमता बढ़ेगी, ट्रेनों की समयबद्धता में सुधार होगा और परिचालन अधिक सुगम एवं विश्वसनीय बनेगा।

महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के मार्गदर्शन में यह परियोजना प्रधान मुख्य सिग्नल एवं दूरसंचार अभियंता दीपक कुमार सिन्हा, मंडल रेल प्रबंधक अनिरुद्ध कुमार तथा मुख्यालय एवं झांसी मंडल की टीम के सहयोग से पूरी की गई। परियोजना का क्रियान्वयन कानपुर प्रोजेक्ट इकाई ने किया।

परियोजना के तहत मुस्तरा, गढ़मऊ और पारीछा स्टेशनों की इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली को अपग्रेड किया गया है। इसके अलावा पूरे रेलखंड में 82 मल्टी-सेक्शन डिजिटल एक्सल काउंटर (एमएसडीएसी) और 14 नए ऑटोमैटिक सिग्नल लगाए गए हैं, जिससे ट्रेनों की सटीक निगरानी और सुरक्षित संचालन सुनिश्चित होगा।

साथ ही समपार फाटक संख्या 122 और 127 को भी नई प्रणाली के अनुरूप इंटरलॉक किया गया है, जिससे रेल और सड़क दोनों मार्गों पर सुरक्षा का स्तर और मजबूत हुआ है।

रेलवे का कहना है कि यह परियोजना भारतीय रेल के आधुनिकीकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जिससे यात्रियों को अधिक सुरक्षित, समयबद्ध और भरोसेमंद रेल यात्रा का लाभ मिलेगा।