उत्तर मध्य रेलवे ने रचा इतिहास, 6 माह में लगभग 100% रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण पूरा

उत्तर मध्य रेलवे ने रचा इतिहास, 6 माह में लगभग 100% रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण पूरा

प्रयागराज। उत्तर मध्य रेलवे ने डिजिटल इंडिया और डिजिटल रेलवे मिशन को नई ऊंचाई देते हुए एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह के नेतृत्व में जनवरी 2026 में शुरू किए गए विशेष अभियान के तहत 08 जून 2026 तक लगभग 100 प्रतिशत रेलवे रिकॉर्ड का डिजिटलीकरण पूरा कर लिया गया है। इस अभियान की दैनिक निगरानी उप महाप्रबंधक अतुल मिश्रा द्वारा की गई।

रेलवे प्रशासन के अनुसार इस महाअभियान के तहत तीन मंडलों, छह कारखानों एवं इकाइयों, प्रशिक्षण संस्थानों और मुख्यालय के कुल 3.27 करोड़ पृष्ठों को डिजिटल स्वरूप में परिवर्तित किया गया। वहीं निर्माण संगठन के अतिरिक्त एक करोड़ पृष्ठों का भी डिजिटलीकरण किया गया। इस प्रकार कुल 4.27 करोड़ पृष्ठों को डिजिटल रिकॉर्ड में बदला गया है।

उत्तर मध्य रेलवे मुख्यालय, वैगन मरम्मत कारखाना झांसी, सीएमएलआर झांसी, आरसीएनके झांसी, सीपीओएच प्रयागराज तथा आरएसके/एसटीएलआई सहित कई इकाइयों ने 100 प्रतिशत डिजिटलीकरण का लक्ष्य हासिल कर लिया है। संपूर्ण डिजिटल डेटा को सुरक्षित रूप से RailTel के क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर संरक्षित किया गया है, जिससे डेटा सुरक्षा, त्वरित उपलब्धता और आपदा की स्थिति में सुरक्षित पुनर्प्राप्ति सुनिश्चित हो सके।

डिजिटलीकरण के साथ-साथ पुराने अभिलेखों की व्यापक छंटाई भी की गई। आगरा मंडल में 2.4 मीट्रिक टन रिकॉर्ड हटाए गए, झांसी मंडल में 1.87 करोड़ पृष्ठों की छंटाई की गई, जबकि प्रयागराज मंडल में 1.5 करोड़ पुराने अभिलेखों की छंटाई की प्रक्रिया जारी है।

इस पहल से रेलवे को कई महत्वपूर्ण लाभ प्राप्त हुए हैं। बड़ी मात्रा में कार्यालय स्थान खाली हुआ है, जिसे आधुनिक एवं सुव्यवस्थित कार्यस्थलों में परिवर्तित किया जा रहा है। विधिक और सतर्कता मामलों को छोड़कर नई भौतिक फाइलों का निर्माण लगभग बंद कर दिया गया है। इसके परिणामस्वरूप चालू वित्तीय वर्ष में कागज की खरीद में 50 प्रतिशत की कमी दर्ज की गई है, जिससे पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा मिला है।

महाप्रबंधक नरेश पाल सिंह ने इस उपलब्धि को प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया विजन के प्रति उत्तर मध्य रेलवे की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताते हुए कहा कि डिजिटलीकरण केवल दस्तावेजों को स्कैन करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पूरी कार्य संस्कृति में बदलाव का माध्यम है। उन्होंने रिकॉर्ड छह माह में लक्ष्य पूरा करने के लिए पूरी टीम को बधाई दी।

रेलवे अधिकारियों के अनुसार यह उपलब्धि भारतीय रेलवे में लगभग पूर्ण डिजिटलीकरण हासिल करने वाले अग्रणी जोनों में उत्तर मध्य रेलवे को शामिल करती है और अन्य रेलवे जोनों के लिए एक नया मानदंड स्थापित करती है।