बरेली में करोड़ों के फर्जी कार लोन रैकेट का पर्दाफाश पिता पुत्र गिरफ्तार

बरेली में बारादरी थाना पुलिस ने एक ऐसे शातिर गिरोह का खुलासा किया है, जो फर्जी दस्तावेजों के सहारे बैंकों से करोड़ों रुपये का कार लोन पास कराकर लग्जरी गाड़ियां निकाल रहा था। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से चार महंगी कारें, फर्जी आय प्रमाणपत्र और निवास प्रमाणपत्र बरामद हुए हैं। मामले में बैंक कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है, जिससे बैंकिंग सिस्टम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं।बारादरी थाना प्रभारी विजेंद्र सिंह के अनुसार पुलिस को सूचना मिली थी कि 99 बीघा मैदान इलाके में फर्जी लोन पर निकाली गई गाड़ियों की डील होने वाली है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी कर दबिश दी और मोहम्मद शमी उर्फ शेरा तथा उसके बेटे मोहम्मद सैराब को गिरफ्तार कर लिया। जांच के दौरान बरामद कारों के दस्तावेज संदिग्ध पाए गए, जिसके बाद दोनों आरोपियों से सख्ती से पूछताछ की गई। बैंक कर्मचारियों की मिलीभगत से चलता था पूरा खेल पूछताछ में आरोपी सैराब ने पुलिस को बताया कि वह अपने पिता और बैंक कर्मचारी रविंद्र कुमार निश्छल के साथ मिलकर फर्जी कार लोन का नेटवर्क चला रहा था। गिरोह पहले फर्जी आय प्रमाणपत्र और निवास प्रमाणपत्र तैयार करता था, फिर उन्हीं दस्तावेजों के आधार पर बैंकों से आसानी से लोन मंजूर करा लिया जाता था। लोन पास होते ही लग्जरी गाड़ियां निकालकर उन्हें दूसरे राज्यों में ऊंचे दामों पर बेच दिया जाता था। पुलिस जांच में सामने आया है कि अब तक इस गिरोह ने सात से अधिक गाड़ियां फर्जी तरीके से फाइनेंस कराई हैं। इनमें से कई कारें दूसरे राज्यों में बेची जा चुकी हैंपुलिस अब बैंक कर्मचारियों और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है। अधिकारियों का कहना है कि मामले में आर्थिक अपराध और धोखाधड़ी की गंभीर धाराओं में कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि कहीं इस रैकेट का संबंध किसी बड़े अंतरराज्यीय गिरोह से तो नहीं