चमक-दमक नहीं... श्रद्धालुओं की थाली सजाकर मना रुद्रांश का जन्मदिन

इगलास। आधुनिक दौर में जहां जन्मदिन जैसे मांगलिक अवसर होटलों की चमक-दमक, डीजे के शोर और केक काटने की पाश्चात्य संस्कृति में सिमटते जा रहे हैं, वहीं इगलास के एक प्रतिष्ठित परिवार ने अपने लाडले के जन्मदिवस को सेवा और संस्कारों के अनूठे पर्व में बदल दिया है। श्री विष्णु दत्त शर्मा इंटर कॉलेज (इगलास) के कोषाध्यक्ष व समाजसेवी शशांक शर्मा ने अपने सुपुत्र रुद्रांश शर्मा के जन्मदिन पर एक ऐसी मिसाल पेश की है, जिसने भारतीय संस्कृति की मूल भावना को जीवंत कर दिया है।

मोमबत्ती बुझाने के बजाय परोसी भोजन प्रसादी

आमतौर पर बच्चे जन्मदिन पर मोमबत्तियां बुझाकर खुशियां मनाते हैं, लेकिन बालक रुद्रांश ने पावन धरणीधर तीर्थधाम (बेसवां) पर ब्रज चौरासी कोस की परिक्रमा कर रहे हजारों थके-हारे श्रद्धालुओं की थाली में खुद भोजन परोसकर उनका आशीष प्राप्त किया। भीषण गर्मी में परिक्रमा कर रहे श्रद्धालुओं की थकान मिटाने और उनके चेहरों पर संतोष की मुस्कान लाने के उद्देश्य से शर्मा परिवार द्वारा श्री मुरली वाला युवा सेवा समिति के माध्यम से विशाल भोजन प्रसादी (भंडारे) का आयोजन किया गया था।

दूसरों के लिए जीने का संस्कार

कहते हैं कि उत्सव केवल स्वयं की खुशी का माध्यम नहीं, बल्कि समाज के सुख से जुड़ा होना चाहिए। शशांक जी का यह सेवा संकल्प इसी उच्च संस्कार की झलक है, जो बच्चों को बचपन से ही "दूसरों के लिए जीना"सिखाता है।

युवा पीढ़ी के लिए बड़ी प्रेरणा

श्री मुरलीवाला युवा सेवा समिति (रोटी बैंक) के सचिव योगेश कौशिक ने इस पुनीत कार्य की सराहना करते हुए कहा कि आज की युवा पीढ़ी के लिए सेवा का यह भाव एक महान प्रेरणा है। उन्होंने समाज को संदेश देते हुए कहा यदि देश का हर परिवार अपने जीवन के शुभ अवसरों और खुशियों को इसी तरह मानव सेवा से जोड़ दे, तो समाज में कोई भी लाचार या भूखा नहीं सोएगा। समिति ने प्रभु श्रीकृष्ण से प्रार्थना की कि रुद्रांश सदैव संस्कारी रहें और समाजहित के कार्यों में अग्रणी भूमिका निभाते रहें।

इनका रहा विशेष सहयोग

पुण्य के इस महायज्ञ और सेवा शिविर को सफल बनाने में डॉ. लव मित्तल, कृष्णा अग्रवाल, कन्हैया बंसल, शिवकुमार सोनी, विष्णु कुमार श्रोती, गिरीश पाठक, शिवा शर्मा आदि ने उपस्थित रहकर अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया और बालक रुद्रांश को दीर्घायु व उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया।